नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी के रामलीला मैदान में एक बार फिर इतिहास रचा गया. दिल्ली की सत्ता से 27 साल से बाहर रही भारतीय जनता पार्टी ने जबरदस्त वापसी करते हुए इस बार भी मुख्यमंत्री पद पर महिला को मौका दिया. रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इस समारोह की गवाह बनने के लिए दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से भी महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंचीं. उपराज्यपाल वीके सक्सेना रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला रहे थे, उस समय महिलाओं का जोश भी हाई था. महिलाओं ने भाजपा के झंडे को लहराते हुए जय श्री राम का उद्घोष कर अपनी खुशी को जाहिर किया.
वैसे तो शपथ ग्रहण समारोह का समय साढ़े 12 बजे का था लेकिन लोग इसके साक्षी बनने सुबह 10 बजे से ही पहुंचने लगे. केसरियां रंग के झंडों से पूरा मैदान सराबोर नजर आ रहा था. सभी गेट पर बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ लोग कई मीटर दूर से पैदल चले आ रहे थे. कई स्थानों पर लोग नाच कर जश्न मनाते हुई दिखाई दिए. समारोह स्थल पर भी भजन गाए जा रहे थे. दूर-दूर से आईं महिलाएं केसरिया रंग की पगड़ी पहनी हुईं और भाजपा के झंडों के साथ नारे लगा रही थीं. गजब का उत्साह छलक रहा था.

दिल्ली एनसीआर से पहुंचीं हजारों महिला कार्यकार्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था. भाजपा के झंडे लेकर महिलाओं ने खूब नारेबाजी की. सुषमा स्वराज, शीला दीक्षित और आतिशी के बाद रेखा गुप्ता चौथी महिला हैं जो दिल्ली की मुख्यमंत्री बनी हैं. रेखा गुप्ता मूल रूप से हरियाणा की निवासी हैं. यही वजह रही की बड़ी संख्या में हरियाणा की महिलाएं शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचीं. इस दौरान कालका जी से आई प्रेमलता जोकि मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली हैं, उन्होंने कहा कि हरियाणा की बेटी ने कतई, पूरे प्रदेश का मान बढ़ा दिया है. पूरे प्रदेश को व दिल्ली में रहने वाले सभी हरियाणा के लोगों को उनपर गर्व है. वहीं संगीता मोंगा, जोकि दिल्ली प्रदेश कार्यकारिणी में हैं जमकर नृत्य करती दिखाई दीं. पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि महिला मुख्यमंत्री बनने से अब महिलाओं का मान भी बढ़ेगा और उनकी परेशानियों को समझा जा सकेगा.
माडल टाऊन से आई बीना बहल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिला को मुख्यमंत्री बनाकर बता दिया है कि वो महिलाओं के सम्मान की बात ही नहीं करते बल्कि सम्मान देना भी जानते हैं. वहीं भगवा पगड़ी पहने हाथ में गुलाब का फूल लिए पहुंची सविता मित्तल ने कहा कि हमें पूरा विश्वास पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर था कि इस बार वो किसी महिला को ही मुख्यमंत्री बनाएंगे और हमारा विश्वास बिल्कुल सही साबित हुआ है. वहीं रेखा उनियाल ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने का सपना हमने देखा था, लगातार पार्टी के हर संघर्ष में बढ़-चढ़ कर लगे रहे और उसका फल आज महिला मुख्यमंत्री के रूप में हमें मिला है. इस खुशी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता.
जमकर हुई आतिशबाजी
शपथ ग्रहण समारोह के बाद भाजपा मुख्यालय में भी खुशी का माहौल दिखा. बड़ी संख्य़ा में कार्यकर्ता आतिशबाजी करते हुए दिखाई दिए. 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में काबिज होने की खुशी में भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं ने पटाखे जलाए और मिठाइयां बांटीं. वहीं, रेखा गुप्ता सहित सभी छह मंत्रियों के घर के बाहर भी खूब आतिशबाजी हुई. जनपथ स्थित प्रवेश वर्मा के घर के बाहर समर्थकों ने जमकर आतिशबाजी की. उल्लेखनीय है कि 27 वर्ष पहले यानी वर्ष 1998 में सुषमा स्वराज 52 दिनों तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही थीं. इसके बाद कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की सरकारें रहीं.