
Patna. जन सुराज के समर्थक दुलार चंद यादव की हत्या के मामले में पूर्व विधायक और जनता दल (यूनाइटेड) प्रत्याशी अनंत सिंह की गिरफ्तारी हो गई है. इस गिरफ्तारी ने एक ओर जहां मोकामा का सियासी पारा चढ़ा दिया है, इस हत्या की वजह क्या सिर्फ राजनीतिक है या कुछ और भी पेच इस हत्याकांड में है. अनंत सिंह का प्रोफाइल हमेशा से मोकामा विधानसभा क्षेत्र को हाॅट सीट की श्रेणी में ले आता है. दुलारचंद की हत्या और अनंत सिंह की गिरफ्तारी ने मोकामा समेत बिहार में वोटर्स की गोलबंदी करा दी है.
यहां हालात ऐसे बन गए है कि यह चुनाव अगड़ों और पिछड़ों के बीच की लड़ाई बन गया है. दुलारचंद यादव की हत्या से जहां यादव और पिछड़ों का वोट एकजुट हुआ है, वहीं अब भूमिहार और अन्य फारवर्ड क्लास के लोग भी एकसाथ आ गए है. यह पूरी तरह से कास्टवार का खेल होगा. अभी माहौल कास्टवार का ही है.
अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर बोला दुलारचंद का पोता
अनंत सिंह की गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद मृतक के पोते नीरज ने रविवार को कहा कि जब तक ‘‘सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता और उन्हें फांसी की सजा नहीं दी जाती’’, तब तक परिवार ब्रह्मभोज का आयोजन नहीं करेगा.
मोकामा से जनता दल (यूनाइटेड) प्रत्याशी और स्थानीय बाहुबली अनंत सिंह को इस मामले में दर्ज एक प्राथमिकी में चार अन्य लोगों के साथ आरोपी बनाया गया है. यह प्राथमिकी नीरज की शिकायत पर दर्ज की गई थी.नीरज ने कहा, हम मांग कर रहे हैं कि मेरे दादा की हत्या में शामिल सभी पांच लोगों को गिरफ्तार किया जाए. विरोधियों ने प्रशासन की मदद से मेरे दादा की हत्या कराई. जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर फांसी नहीं दी जाती, हम ब्रह्मभोज नहीं करेंगे.
पुलिस ने यह बताया
पुलिस ने बताया कि अनंत सिंह के अलावा दो अन्य आरोपियों मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम को भी गिरफ्तार किया गया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि तीनों को रविवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा. सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पार्टी जद(यू) के टिकट पर मोकामा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. शनिवार देर रात इस मामले में गिरफ्तार किया गया.
गिरफ्तारी के बाद अनंत सिंह ने क्या कहा?
दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में गिरफ्तारी के बाद अनंत सिंह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट लिखा है, जिसमें उसने सत्यमेव जयते लिखा है और कहा है कि अब आगे की लड़ाई जनता लड़ेगी. दुलारचंद यादव की हत्या के बाद लगे आरोपों को खारिज करते हुए अनंत सिंह ने यह कहा कि यह उनके प्रतिद्वंद्वी सूरजभान सिंह की साजिश है. उनका इस हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं है.
