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Jamshedpur/Aircraft Crass: एविएशन कंपनी ने पेश की एएआइबी रिपोर्ट, पायलट पर लगाये गंभीर आरोप, कहा, जीत शत्रु को करतब का था शौक, पांच की बजाए आठ माइल की दूरी तय की

उन्होंने यह भी बताया कि एयरक्राफ्ट 1979 में निर्मित था, जिसकी उड़ान क्षमता 30 हजार घंटे थी, और यह अब तक 16 हजार घंटे से अधिक उड़ान भर चुका था. एयरक्राफ्ट का फिटनेस सर्टिफिकेट 15 जुलाई 2024 को प्राप्त किया गया था, जिसकी वैधता वर्ष 2025 तक थी और हादसा अगस्त 2024 में हुई है. बताया कि पायलट जीत शत्रु को करतब करने का शौक था, और यह भी दुर्घटना का एक कारण हो सकता है, जो ग्रामीणों ने बताया है. उन्होंने कहा कि एयरक्राफ्ट का इंजन फेल नहीं हुआ था और जांच रिपोर्ट में कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है. हालांकि, यह प्रारंभिक जांच रिपोर्ट है.

मृत पायलटों के परिजनों द्वारा कंपनी पर लगाए गए आरोपों के जवाब में कहा कि मुआवजे के लिए इंश्योरेंस क्लेम दिया जायेगा. इसको लेकर कागजी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. वे परिवार के साथ खड़े है. उन्होंने इस आरोप को भी गलत बताया कि परिजनों से उनकी बात नहीं हुई है. कैप्टन अंशुमन ने बताया कि पटना में अंतिम संस्कार तक वे साथ में ही थे. इसके अलावा मृणाल कांति पाल ने कहा कि वे खुद शुभोजीत दत्ता के परिवार से बातचीत करते रहे है. जहां तक मुआवजा की बात है तो वह कंपनी की ओर से की जायेगी. इसको लेकर अभी इंश्योरेंस कंपनी से बातचीत की जा रही है.

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