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16 हजार से अधिक ट्रेनें चलाकर हम लगभग 4 से 5 करोड़ श्रद्धालुओं को संगम लेकर आए : रेल मंत्री

PRAYAGRAJ. रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnav) महाकुंभ के समापन के ठीक बाद गुरुवार की सुबह प्रयागराज जंक्शन पहुंचे. यहां उन्होंने मीडिया से महाकुंभ को लेकर रेलवे की तैयारियों पर अपनी उपलब्धियां गिरायी तो रेल कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रोत्साहित किया. यहां पहुंचे अश्विनी वैष्णव ने भव्य आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताने से नहीं चूके.

रेलवे की उपलब्धियां गिनाते ही रेल मंत्री ने कहा कि हमने सभी विभागों से समन्वय बनाकर बेहतर काम किया. 16000 से अधिक ट्रेनें चलाई गईं और करीब 4 से 5 करोड़ श्रद्धालुओं को हम संगम तक ले गये. इन 45 दिनों के महाआयोजन में रखरखाव की कोई समस्या नहीं आने दी गई. श्रद्धालुओं के बढ़ते कारवां को भीड़ नहीं मानकर श्रद्धा समझी गयी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां कहा कि व्यवस्थाओं का विश्लेषण करेंगे और रेलवे के जो संचालन मैनुअल हैं उसमें स्थायी परिवर्तन लाने की भी व्यवस्था की जाएगी.

रेलवे के महाकुंभ को लेकर किये गये इंतजाम के बीच दर्जनों की संख्या में विभिन्न मार्गों की ट्रेनों को अचानक रद्द कर दिया गया. इसमें हजारों की संख्या में यात्री परेशान रहे. श्रद्धा के सैलाब में यात्री सुविधाएं बह गयी. हालांकि रेलमंत्री ट्रेनों के रद्द किये जाने, तैयारियों के बीच नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ को लेकर किसी भी जिम्मेदारी तय करने से बचते रहे. उनका फोकस सिर्फ उपलब्धियों को बताने तक सीमिति रहा. हां यह जरूर कहा कि व्यवस्थाओं की समीक्षा की जायेगी. रेलमंत्री के साथ बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार समेत आला अधिकारी भी मौजूद थे.

ढाई साल पहले शुरू हुई थी योजना, 5000 करोड़ का निवेश

रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे ने महाकुंभ की तैयारियों के लिए ढाई साल पहले से ही काम शुरू कर दिया था. इसके तहत लगभग 5000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया. रेलवे ने 21 से ज्यादा फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए और गंगा नदी पर एक बड़े पुल का निर्माण कराया, जिससे यातायात सुगम हो सके.

महाकुंभ के दौरान रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए हर स्टेशन पर विशेष व्यवस्थाएं कीं. नए फुटओवर ब्रिज बनाए गए, प्लेटफॉर्म पर भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की गई और यात्रियों के लिए आरामदायक इंतजार क्षेत्र तैयार किए गए. इन सभी प्रयासों का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुविधाजनक और सुरक्षित यात्रा अनुभव प्रदान करना था.

महाकुंभ में 66.21 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

उधर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि कुंभमेला में 66.21 करोड़ लोगों ने हिस्सा लिया. इसने दुनिया के सबसे बड़े इंसानों के जुटाव का रिकॉर्ड बनाया है. कुंभ मेला की शुरुआत 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के अवसर पर हुई थी. इस दिन पहला अमृत स्नान था। इसके बाद 14 जनवरी को मकर संक्रांति, 29 जनवरी को मौनी अमावस्या, 3 फरवरी को बसंत पंचमी, 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा और 26 फरवरी को महा शिवरात्री के अवसर पर करोड़ों लोगों ने पवित्र त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई.

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