
Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में 24 अहम फैसले लिए गए. इनमें राज्यकर्मियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से लेकर सारंडा जंगल को अभ्यारण्य घोषित करने तक कई महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं.
सरकार ने राज्यकर्मियों और पेंशनधारियों का महंगाई भत्ता 3 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला लिया है. अब उन्हें 55 की जगह 58 प्रतिशत डीए मिलेगा, जो 1 जुलाई 2025 से लागू होगा.
सारंडा जंगल क्षेत्र के 314 वर्ग किलोमीटर हिस्से को अभ्यारण्य घोषित करने की स्वीकृति दी गई है, जबकि इसके चारों ओर एक किलोमीटर क्षेत्र को इको सेंसिटिव जोन बनाया जाएगा.
कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बताया कि बिनोद बिहारी महतो विश्वविद्यालय धनबाद में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक 371 पदों के आउटसोर्सिंग सृजन को मंजूरी दी गई है, जिस पर 3.89 करोड़ रुपये की लागत आएगी.
राज्य के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत महिला और पुरुष नॉन-टीचिंग कर्मियों को अब 730 दिन की चाइल्ड केयर लीव मिलेगी. यही सुविधा शिक्षकों और महिला शिक्षकों को भी दी जाएगी.
सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए प्रति माह दी जाने वाली राशि को 2000 रुपये से बढ़ाकर 8000 रुपये कर दिया गया है, जिसमें 6000 रुपये बिजली खर्च के लिए होंगे.
स्वास्थ्य विभाग को भी मजबूती मिलेगी. अस्पतालों के लिए 207 एडवांस एंबुलेंस खरीदे जाएंगे. वहीं, सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकें देने के लिए जीटीसी के तहत टेंडर की मंजूरी दी गई है.
राज्य सरकार ने 480 सरकारी स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित करने की अनुमति दी है. साथ ही राजकीय महिला पॉलिटेक्निक, जमशेदपुर को अत्याधुनिक संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए 55 करोड़ रुपये से नए भवन के निर्माण को स्वीकृति दी गई.
गोड्डा जिले की बराज योजना के लिए 31 करोड़ रुपये, जबकि आपदा प्रबंधन योजना के तहत 166 करोड़ रुपये झारखंड आकस्मिकता निधि से जारी किए जाएंगे.
राज्य के सभी थानों में कानून-व्यवस्था और पेट्रोलिंग को सशक्त करने के लिए 628 चारपहिया और 849 दोपहिया वाहन खरीदे जाएंगे, जिस पर करीब 78 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
इन सभी निर्णयों से राज्य में प्रशासनिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
