
Chaibasa. चाईबासा के तांबो चौक इलाके में उस समय हालात बेकाबू हो गए, जब नो-एंट्री आंदोलन को लेकर प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच झड़प हो गई. भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग को लेकर जुटे सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया. जब पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की तो माहौल अचानक गरम हो गया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े.
देखते ही देखते पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे. ग्रामीणों का आरोप है कि एनएच-220 और चाईबासा बाईपास मार्ग पर दिन के समय भारी वाहनों की आवाजाही से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है. इसी मुद्दे को लेकर वे लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं.
मंत्री दीपक बिरुवा के आवास घेराव करने से रोका
लोग परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा के आवास घेराव के लिए निकले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें तांबो चौक पर ही रोक दिया। इसके बाद ग्रामीण वहीं धरने पर बैठ गए. धरना स्थल पर उन्होंने चूल्हा जलाकर खाना बनाया, गीत-संगीत किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. शाम होते-होते उन्होंने मुख्य सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे यातायात ठप हो गया.
समर्थन में उतरीं पूर्व सांसद गीता कोड़ा
भाजपा नेत्री सह सिंहभूम की पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा किमंत सोरेन सरकार में अब जनता का अधिकार भी छीन सा गया है. चाईबासा से गुजरने वाले बाईपास सड़क पर नो एंट्री के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश के विरोध में किए जा रहे शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने के लिए निरंकुश पुलिस प्रशासन द्वारा हमलोगों पर लाठी चार्ज करना और आंसू गैस के गोले छोड़ना इसी का प्रतीक है.
पुलिसिया जुल्म की इस घटना की मैं कड़े शब्दों में निंदा करती हूं तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से माँग करती हूँ कि इसकी जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि लोकतंत्र में जनता का अधिकार बरक़रार रहे.