Ranchi : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने रिम्स (राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल) से जुड़े एक हालिया फैसले को लेकर हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने सरकार को “बेशर्म” करार देते हुए आरोप लगाया कि अब गरीबों की जान की कीमत तय की जा रही है. चंपाई सोरेन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, “बधाई हो, झारखंड सरकार ने रिम्स में इलाज करवाने वाले गरीबों के जान की कीमत तय कर दी. बताइये, इतनी बड़ी रकम का क्या करेंगे आप? बेशर्म सरकार!”
दरअसल, 9 अक्टूबर को रिम्स शासी परिषद की बैठक में एक प्रस्ताव पारित हुआ, जिसके तहत अब रिम्स में इलाज के दौरान यदि किसी मरीज की मौत हो जाती है, तो मृतक के परिजनों को ₹5000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी. यह राशि UPI के माध्यम से सीधे परिजनों के खाते में भेजी जाएगी.
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार हर साल इस योजना पर लगभग 7 करोड़ रुपये खर्च करेगी और यह सुविधा सभी वर्गों के लोगों को मिलेगी.
रांची में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी एक्शन में, मेडिकल स्टोर्स पर किया औचक जांच
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी शुक्रवार को अचानक निरीक्षण पर निकले. मध्य प्रदेश और गुजरात में कफ सिरप से बच्चों की मौत की घटनाओं के बाद झारखंड सरकार ने एहतियातन तीन कफ सिरप कोल्ड्रिफ, रेस्पिफ्रेश टीआर और रिलीफ की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है.

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य में किसी भी मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित सिरप की बिक्री नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा, “जो भी दुकान इन बैन सिरप्स की बिक्री करते पकड़ी जाएगी, उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा.”
मंत्री ने जनता से भी अपील की कि यदि कहीं प्रतिबंधित या नकली दवाएं बेची जा रही हों, तो इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें. उन्होंने कहा कि हानिकारक दवाओं से लोगों का जीवन खतरे में पड़ सकता है और सरकार इस पर सख्त रुख अपनाए हुए है.