
जनशिकायत निवारण दिवस में नागरिकों द्वारा बागबेड़ा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण, जमीन पर दखल, म्यूटेशन, आरटीई के तहत विद्यालय में नामांकन, जमीन पर अवैध कब्जा, पार्किंग की समस्या, आवासीय सोसाइटी से संबंधित समस्याएं, आर्म्स लाइसेंस, वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड ट्रांसफर, घरेलू विवाद, मुआवजा, दबंगों द्वारा घर एवं बाउंड्री गिराने की शिकायत, व्यक्तिगत वन पट्टा समेत अन्य जनहित से जुड़े मामलों के आवेदन एवं ज्ञापन प्रस्तुत किए गए।
उपायुक्त ने प्रत्येक आवेदन का गंभीरतापूर्वक अवलोकन करते हुए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने तथा शिकायतों का त्वरित एवं पारदर्शी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनशिकायत निवारण दिवस का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है, इसलिए सभी विभाग प्राप्त शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करें तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदकों को राहत उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन मामलों में विभिन्न विभागों के समन्वय की आवश्यकता हो, उनका समन्वित रूप से निराकरण किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े। जिला प्रशासन नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।