
चाईबासा. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मानहानि मामले की सुनवाई शनिवार को चाईबासा स्थित एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय में होनी थी. लेकिन न्यायाधीश सुप्रिया रानी तिग्गा के अवकाश पर रहने के कारण यह सुनवाई नहीं हो सकी और अब इस मामले की अगली तारीख 9 अक्टूबर 2025 निर्धारित की गई है.
यह मानहानि मामला राहुल गांधी द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर दर्ज हुआ है. इस मुकदमे में राहुल गांधी ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 205 के तहत व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट की मांग की है. अदालत को इस आवेदन पर आज फैसला सुनाना था, लेकिन सुनवाई स्थगित होने के कारण अब निर्णय अगली तिथि को होगा.
राहुल गांधी की ओर से अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा ने जानकारी दी कि इस आवेदन पर दोनों पक्षों की दलीलें 22 सितंबर को पूरी हो चुकी थीं और अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया था. अब देखना यह होगा कि अदालत राहुल गांधी को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देती है या नहीं.
कांग्रेस समर्थकों और पार्टी नेताओं की निगाहें इस फैसले पर टिकी हुई हैं. यदि अदालत राहुल गांधी को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट प्रदान कर देती है, तो वे अपने राजनीतिक और संसदीय कार्यक्रमों में बिना किसी रुकावट के भाग ले सकेंगे. लेकिन यदि आवेदन खारिज हो जाता है, तो उन्हें हर सुनवाई में कोर्ट के सामने उपस्थित होना पड़ेगा.
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर लगातार राजनीतिक गतिविधियों और अभियानों में व्यस्त रहते हैं. ऐसे में अदालत का निर्णय उनके कार्यक्रमों पर सीधा असर डालेगा. इस वजह से 9 अक्टूबर की सुनवाई को लेकर पार्टी और उनके समर्थकों के बीच गहन उत्सुकता बनी हुई है.
