Lahar Chakra

West Singhbhum: डीएमएफटी मद से निर्माणाधीन ग्रामीण जलापूर्ति योजना का उपायुक्त ने किया निरीक्षण, कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश 

Oplus_16908288

 

West Singhbhum: पश्चिमी सिंहभूम जिला उपायुक्त  मनीष कुमार ने आज कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, चाईबासा  विनोद कुमार की उपस्थिति में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट मद से चाईबासा स्थित आयता में निर्माणाधीन ग्रामीण जलापूर्ति योजना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया तथा स्थल पर उपस्थित संबंधित कनीय अभियंता से योजना की अद्यतन स्थिति एवं अब तक संपादित कार्यों की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के क्रम में कनीय अभियंता द्वारा उपायुक्त को अवगत कराया गया कि संबंधित संवेदक द्वारा मार्च माह के उपरांत निर्माण कार्य बंद कर दिया गया है तथा उसके बाद से कार्य में कोई विशेष प्रगति नहीं हुई है। इस पर उपायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यपालक अभियंता एवं संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदक से तत्काल संपर्क स्थापित कर निर्माण कार्य अविलंब पुनः प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि ग्रामीण जलापूर्ति योजना को निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूर्ण करते हुए पोषित क्षेत्र के सभी लाभुकों तक सुरक्षित एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

उपायुक्त ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से संबंधित योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने संबंधित विभाग को योजना की सतत मॉनिटरिंग करते हुए निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा करने तथा प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।

इसके उपरांत उपायुक्त ने पुराना चाईबासा स्थित जल शोधन संयंत्र का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जल शोधन संयंत्र सुचारू रूप से संचालित पाया गया। संयंत्र की कार्यप्रणाली, जल शोधन प्रक्रिया एवं पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का अवलोकन करते हुए उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल को निर्देशित किया कि जिले में संचालित सभी ग्रामीण एवं शहरी जलापूर्ति योजनाओं का क्रमबद्ध निरीक्षण करते हुए उनकी नियमित कार्यशीलता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी तकनीकी अथवा अन्य कारणों से जलापूर्ति प्रभावित हो रही हो, वहां त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान किया जाए ताकि आम नागरिकों को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध हो सके। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता जिले के प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागीय पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन एवं गुणवत्तापूर्ण संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

कुमार मनीष,9852225588

Exit mobile version