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सीएचसी के निरीक्षण में गर्भवती माताओं-शिशुओं के स्वास्थ्य एवं पोषण पंजी की जांच

जमशेदपुर. उपायुक्त अनन्य मित्तल के निर्देशानुसार सभी 11 प्रखंडों के लिए नामित नोडल पदाधिकारी द्वारा प्रत्येक शनिवार को अपने प्रखंड क्षेत्र का निरीक्षण किया जाता है . इसी क्रम में आज सभी प्रखंडों के नोडल ने सीएचसी में उपलब्ध चिकित्सीय सुविधाओं, संसाधनों, चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति एवं उपस्थिति, मरीजों की जांच, आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से गर्भवती माताओं-शिशुओं के स्वास्थ्य-पोषण को लेकर प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्रों में किए जा रहे कार्यों का पंजी संधारण की जांच की गई.

इस क्रम में  निदेशक एनईपी संतोष गर्ग ने गुड़ाबांदा, एडीसी भगीरथ प्रसाद ने पटमदा, कार्यपालक दण्डाधिकारी चंद्रजीत सिंह ने जमशेदपुर सदर, कार्यपालक दण्डाधिकारी सुदीप्त राज ने घाटशिला, जिला कल्याण पदाधिकारी शंकराचार्य समद ने मुसाबनी, जिला मत्स्य पदाधिकारी अल्का पन्ना ने धालभूमगढ़, नियोजन पदाधिकारी जमशेदपुर ने चाकुलिया, एलआरडीसी घाटशिला निखिल सुरीन ने बहरागोड़ा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सलमान जफर खिजरी ने डुमरिया, एलआरडीसी धालभूम गौतम कुमार ने पोटका, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने जुगसलाई नगर परिषद आदि में संबंधित केन्द्रों का जांच किया.

उपायुक्त ने पदाधिकारियों के क्षेत्र भ्रमण को लेकर कहा कि सीएचसी एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से आमजनों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं को बेहतर बनाना है, साथ ही पंजी संधारण ठीक से हो यह भी सुनिश्चित कराना है. उन्होने कहा कि स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम से प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में बेहतरी लाने का संवेदनशील प्रयास जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है . सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थय सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ गर्भवती माताओं-शिशुओं की देखभाल, पोषाहार वितरण, नियमित जांच, टीकाकरण, सर्वेक्षण, कुपोषण मुक्त जिला बनाने की दिशा में पहल की जा रही है.

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