
NEW DELHI : हाल ही में केंद्रीय GST काउंसिल की बैठक के बाद यह खबर फैली कि अमूल और मदर डेयरी जैसे ब्रांडेड पाउच दूध पर 5% GST हटने से कीमतें 3-4 रुपये प्रति लीटर कम होंगी. लेकिन अमूल ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है. गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) के प्रबंध निदेशक जयेन मेहता ने साफ किया कि ताजा पाउच दूध पर पहले भी GST नहीं था और भविष्य में भी नहीं रहेगा.
कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि GST 2.0 के तहत पाउच दूध सस्ता होगा, जिससे उपभोक्ताओं में भ्रम फैल गया. मेहता ने कहा कि यह जानकारी भ्रामक है. पाउच दूध हमेशा से शून्य प्रतिशत GST के दायरे में रहा है.
जयेन मेहता ने बताया कि GST में बदलाव केवल UHT (Ultra High Temperature) दूध पर लागू होगा. UHT दूध पर पहले 5% GST लगता था, जिसे 22 सितंबर 2025 से हटा लिया जाएगा. इससे टेट्रा पैक या एसेप्टिक पैकेजिंग वाला दूध सस्ता होगा. UHT दूध को 135 डिग्री सेल्सियस पर गर्म करके जीवाणुरहित किया जाता है, जो बिना फ्रिज के महीनों तक सुरक्षित रहता है. यह दूध शहरों, होटलों और यात्रियों के बीच लोकप्रिय है.
उपभोक्ताओं और किसानों को फायदा
सरकार का कहना है कि यह कदम महंगाई के दौर में UHT दूध को सस्ता बनाएगा और डेयरी उद्योग व किसानों को भी लाभ होगा. हालांकि, रोजमर्रा के पाउच दूध की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा, क्योंकि यह पहले से ही टैक्स-मुक्त है.
