Gumla. गुमला जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बुजुर्ग को मारपीट कर जलती चिता में जिंदा फेंक दिया गया. घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मचा हुआ है. पूरी घटना सदर थाना क्षेत्र के कोराम्बी गांव की है. पूरा गांव सदमे में है. आरोपियों में झरी उरांव और उसका बेटा करमपाल उरांव शामिल हैं. घटना 25 दिसंबर की शाम गांव के ही श्मशान घाट पर हुई, जब झारी उरांव की बहन मंगरी देवी के शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा था. उसकी मौत 24 दिसंबर को कुएं में डूबने से हो गयी थी. ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी का मानना था कि बुद्धेश्वर उरांव के जादू-टोना की वजह से ही मंगरी देवी की मौत हुई है.

मंगरी देवी के शव का अंतिम संस्कार गांव के ही श्मशान घाट में किया जा रहा था. उस दौरान गांव के दर्जनों लोग उपस्थित थे, तभी झरी उरांव व उसके बेटे करमपाल उरांव ने बुद्धेश्वर उरांव को पकड़ लिया. दोनों ने पहले उसे टांगी से काटा. यह देखकर वहां मौजूद कुछ लोगों ने बुद्धेश्वर को बचाने का प्रयास किया, लेकिन झरी व करमपाल ने उन लोगों को मारने के लिए डराया. इस कारण गांव के अन्य लोग वहां से भाग गये. इसके बाद झरी व करमपाल ने बुद्धेश्वर को मंगरी की जलती चिता में फेंक कर जिंदा जलाकर मार डाला. बताया जा रहा है कि जबतक बुद्धेश्वर जलकर मर नहीं गया, बाप-बेटे वहीं खड़े रहे. इस दौरान बुद्धेश्वर बचाने के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन डर के मारे कोई मदद के लिए आगे नहीं आया.