
रांची. अपर न्यायायुक्त की अदालत ने भारतीय सेना के कब्जे वाली जमीन फर्जीवाड़े मामले में जेल में बंद इम्तियाज अहमद को जमानत देने से इनकार किया है. अदालत ने उसकी ओर से दाखिल जमानत याचिका सुनवाई के बाद खारिज कर दी है. इम्तियाज इस मामले में 20 अगस्त 2024 से जेल में है. आरोपित पर अन्य आरोपितों के साथ मिलकर जाली कागजात आधार कार्ड, बिजली बिल बनाकर सेना की जमीन बेचने का आरोप है. आरोपित अन्य लोगों के साथ मिलकर रजिस्ट्रार ऑफ एश्योरेंस, कोलकाता के कर्मचारियों के प्रबंधन द्वारा फर्जी विलेख बनाने में भी शामिल था.
इस मामले को लेकर बरियातू थाना में 4 जून 2022 को मुख्य आरोपित प्रदीप बागची के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. जांच के क्रम में इम्तियाज अहमद का नाम सामने आया. जांच अधिकारी की ओर से पूछताछ के दौरान सह-आरोपित अफसर अली ने होल्डिंग नंबर हासिल करने के लिए 90 हजार रुपये के लेनदेन की बात स्वीकार की. इसके अलावा, सीआरपीसी की धारा 41ए के तहत नोटिस के जवाब में अंकुश कुमार द्वारा सौंपे गए जवाब के अवलोकन से पता चलता कि सह-आरोपित अफसर अली भी धोखाधड़ी और जालसाजी करने में प्रदीप बागची का सक्रिय सहयोगी था.
