New Delhi. ‘अग्निपथ’ योजना में बड़े बदलाव के तहत सरकार ने बुधवार को घोषणा की कि चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर सेना से सेवामुक्त होने वाले ‘अग्निवीरों’ को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा। इसके बाद निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने और व्यक्तिगत सहमति देने वाले अग्निवीरों को स्थायी भर्ती की पेशकश की जाएगी।
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल एन एस राजा सुब्रमणि ने यह घोषणा केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा सैन्य भर्ती योजना में तीनों सेनाओं की सिफारिशों के अनुरूप बदलावों को मंजूरी दिए जाने के तुरंत बाद की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह कदम सशस्त्र बलों में किए जा रहे ‘दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ‘युवा, तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार सेना’ का निर्माण करना है।
जून 2022 में शुरू की गई ‘अग्निपथ’ योजना के तहत सैनिकों की भर्ती चार साल के कार्यकाल के लिए की गई। इसमें कुल भर्ती किए गए अग्निवीरों में से केवल 25 प्रतिशत को नियमित सेवा में बनाए रखने का प्रावधान था। योजना में ये बदलाव करीब 18,000 अग्निवीरों के सशस्त्र बलों से सेवामुक्त होने के तीन सप्ताह से कुछ अधिक समय पहले किए गए हैं।
