
जमशेदपुर. डी.बी.एम.एस कॉलेज ऑफ़ एजूकेशन में भव्य आराधना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ दुर्गापूजा का आह्वान हुआ. इस कार्यक्रम से पूरे कॉलेज परिसर में मां दुर्गा की भक्ति और भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भुवनेश्वर से आए डॉ. प्रशांत कुमार राउत, आर.एम.डी डिग्री कॉलेज के प्राचार्य थे. उनके साथ विशिष्ट अतिथि श्री दिलीप मंगराज कोऑर्डिनेटर आइ.क्यू.ए.सी गाइड भी उड़ीसा से आए थे.
डी.बी.एम.एस. ट्रस्ट की संरक्षिका भानुमति नीलकंठन, जॉइंट चेयरपर्सन कमला सुब्रमन्यम प्रबंधन समिति की सचिव श्रीप्रिया धर्मराजन, सह सचिव सुधा दिलीप, गवर्निंग बॉडी के सचिव सतीश सिंह ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई. वे कार्यक्रम से बहुत प्रभावित हुए. उदघाटन के बाद डी.बी.एम.एस कॉलेज ऑफ़ एजूकेशन के छात्रों ने भक्तिमय गीत “जय जय जग जननी” प्रस्तुत करके वातावरण को भक्तिमय बना दिया. दक्षिण भारतीय महिला समाज वसुधैव कुटुम्बकम की भावना से शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दे रहा है.
इसके पश्चात डी.बी.एम.एस कॉलेज की विभिन्न 9 इकाइयों के छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जिनमें नृत्य, गीत ,नाटक एवं लोक नृत्य शामिल थे. डी.बी.एम.एस समाज के लोगों ने मधुर तमिल गीत प्रस्तुत किया, डी.बी.एम.एस गर्ल्स हाई स्कूल की छात्राओं ने मनमोहक संथाली नृत्य पेश किया, डी.बी.एम.एस इंग्लिश स्कूल के छात्रों ने नृत्य नाटिका प्रस्तुत किया. डी.बी एम.एस करियर अकैडमी ने बांग्ला भाषा में गीत प्रस्तुत किया, डी.बी.एम.एस कदमा हाई स्कूल की छात्राओं ने (सुभागमन) बंगाल के ग्रामीण परिवेश का वर्णन करती अद्वितीय गीत के द्वारा प्रस्तुत किया. लिलीपुट स्कूल ने अपनी ऊर्जावान प्रस्तुति “दुग्गा एलो” पर दी.
डी.बी.एम.एस कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन के विद्यार्थियों ने नवदुर्गा पर आधारित भावपूर्ण प्रस्तुति करके सबों को मंत्र मुग्ध कर दिया. अनु महतो, निप्पू रानी, अनुष्का सिंह, पूजा टंडन, अर्पिता, कुनिका, श्रेया, मीनाक्षी, कुंती, विनीता, नीलू, बबीता, पूनम, अर्पिता, चांदमणि, सबीना, सलोना, नेहा, मामूनी, प्रिया, सुनीता, श्वेता, मंजू, इंसा, अंकित, भावना, रानी, सुमेधा, प्रिया, तृषा, एलिजा, सोमिनी, अंकुर, पूजा पॉल आदि छात्राएं शामिल थी. साथ ही अलुमनाई संघ “सेतु” द्वारा आकर्षक गरबा नृत्य की भी प्रस्तुति की गयी जिसने सभी का मन मोह लिया.
प्राचार्या डॉक्टर जूही समर्पिता ने स्वागत करते हुए कहा कि मां दुर्गा के भैरवी रूप को दस विद्या में पांचवी विद्या माना जाता है. शिक्षा की अधिष्ठात्री है भैरवी. संस्कृत क्लब की मॉडरेटर अमृता चौधरी के साथ उप प्राचार्या डॉ मोनिका उप्पल, डॉ मीनाक्षी चौधरी, पामेला घोष दत्त, डॉक्टर सुरीना भुल्लर, कंचन कुमारी, गायत्री कुमारी, अंजलि गणेशन, पूनम कुमारी, मौसमी दत्ता, अर्चना कुमारी, काजल महतो, एंजेल मुंडा ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
साथ ही सहायक सहकर्मियों ने महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया. मंच संचालिका बी.एड की छात्राएं जागृति और निकिता थी. अंत में इशिका द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ.
