Jamshedpur. डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज में 2026 बैच के नए एमबीबीएस छात्रों के साथ कथित रैगिंग और दुर्व्यवहार के मामले में जिला प्रशासन और कॉलेज प्रशासन ने जांच तेज कर दी है। दोषी पाए जाने वाले सीनियर छात्रों के खिलाफ परीक्षा से डिबार करने, छात्रावास से निष्कासित करने और जुर्माना लगाने समेत अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। शनिवार को कॉलेज में पूरे दिन बैठकों और पूछताछ का दौर चला। शाम को एसडीएम अर्णव मिश्रा ने करीब तीन घंटे तक मामले की जांच की और संबंधित अधिकारियों व छात्रों से जानकारी ली।
एंटी रैगिंग कमेटी ने की पूछताछ
शनिवार सुबह प्राचार्य कक्ष में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई। इसमें 2026 बैच के सभी विद्यार्थियों को बुलाकर घटना के संबंध में पूछताछ की गई। इसके बाद संबंधित प्रीफेक्ट और 2024 व 2025 बैच के सीनियर छात्रों से भी जानकारी ली गई। कॉलेज प्रशासन ने छात्रावास में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की भी जांच शुरू की। शाम को एसडीएम अर्णव मिश्रा एमजीएम मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने प्राचार्य, अधीक्षक और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर मामले की समीक्षा की। इस दौरान नए बैच के छात्रों और आरोपित सीनियर छात्रों से अलग-अलग पूछताछ की गई। प्रशासन ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी।
प्रथम दृष्टया दुर्व्यवहार का आया मामला
एसडीएम अर्णव मिश्रा ने बताया कि मामले की प्राथमिक जांच जारी है। 2026 बैच के सभी विद्यार्थियों के साथ-साथ 2024 और 2025 बैच के सीनियर छात्रों से भी पूछताछ की गई है। छात्रावास का निरीक्षण करने के अलावा सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला सीधे तौर पर रैगिंग के बजाय छात्रों के साथ दुर्व्यवहार से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मेडिकल कॉलेज की संबंधित गाइडलाइन और निर्धारित मानदंडों के आधार पर दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें परीक्षा से डिबार करने और छात्रावास से निष्कासित करने जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है। जांच के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में सामने आने वाली कमियों को भी दूर किया जाएगा।
एक दर्जन सीनियर छात्रों पर जुर्माने की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, मामले में करीब एक दर्जन सीनियर छात्रों पर जुर्माना लगाने और उनके अभिभावकों को कॉलेज बुलाने पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। जांच पूरी होने और आरोपों की पुष्टि के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
