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Jamshedpur Kadma: शाही अंदाज में मना Doggie ‘रोज सोना’ का Birthday, 300 लाेगों ने भोज का लिया आनंद, 5 लाख रुपये से अधिक हुए खर्च

Jamshedpur. जमशेदपुर में डॉगी ‘रोज सोना’ का बर्थडे ऐसा मना कि पूरे शहर में चर्चा हो गयी. जन्मदिन के कार्यक्रम में 300 से अधिक लोग शामिल हुए. जन्मदिन पर पांच लाख रुपये से अधिक खर्च किया गया. बर्थडे के लिए विशेष रूप से आकर्षक कार्ड छपवाया और अतिथियों को निमंत्रण दिया. कदमा निवासी सपना सोना बताती हैं कि वह सिंगल मदर हैं और रोज सोना उनकी बेटी है. छह महीने की थी, तभी उसे गोद में लेकर रायपुर से गोद में लेकर जमशेदपुर आयी थी. वह परिवार का ही नहीं बल्कि उनके जीवन का अहम हिस्सा है. हर साल उसके जन्मदिन पर गरीबों को खाना खिलाना, कंबल वितरण करना, गरीब बेटी की शादी करवाना जैसे कार्य वह करती हैं. इस साल बस्ती में सोलर लाइट लगवायी है. शहर के श्मशान घाट में भी सेवा कार्य करने की योजना है.

कदमा निवासी सपना सोना बताती हैं कि वह सिंगल मदर हैं और रोज सोना उनकी बेटी है. छह महीने की थी, तभी उसे गोद में लेकर रायपुर से गोद में लेकर जमशेदपुर आयी थी. वह परिवार का ही नहीं बल्कि उनके जीवन का अहम हिस्सा है. हर साल उसके जन्मदिन पर गरीबों को खाना खिलाना, कंबल वितरण करना, गरीब बेटी की शादी करवाना जैसे कार्य वह करती हैं. इस साल बस्ती में सोलर लाइट लगवायी है. शहर के श्मशान घाट में भी सेवा कार्य करने की योजना है.

बिजनेस वूमेन सपना बताती हैं कि जनवरी 2019 में महाराष्ट्र के सोलापुर यात्रा के दौरान में रायपुर स्टेशन पर रूकी थी. जहां एक व्यक्ति से मुलाकात हुई, जो कई सारे कुत्तों को साथ लेकर खड़े थे. पूछने पर उन्होंने बताया कि पास ही में डॉग शो चल रहा है, वहीं जा रहे हैं. उत्सुकता हुई. ड्राइवर को कहा कि वहां लेकर चलो. डॉग शो में पहुंचे, तो सभी दर्शकों के साथ-साथ मेरी नजर भी ‘रोटवीलर’ पर थी. उसके मालिक से मिले. उन्होंने अपने डॉगी के बारे में बताया, तो मन में इच्छा जगी. ड्राइवर ने बताया कि पास ही में एक पेट शॉप है. वहां गये . पहले तो मेल डॉगी की डिमांड की. लेकिन दुकानदार ने बताया कि मेल डॉही अभी नहीं है. फीमेल है. उन्होंने रोज सोना को दिखाया. देखते ही उसे गोद में उठा ली. 25 हजार देकर उसे लेकर घर आ गयी.

सपना ने बताया कि अच्छे नाम के लिए गूगल को छान मारा, लेकिन एक भी नाम पसंद नहीं आया. बाद में टाइटेनिक फिल्म की हीरोइन रोज का नाम सुना. बस , वही नाम पसंद आया. नाम रखने के लिए विशेष रूप से नामकरण अनुष्ठान किया. जब वह काम के सिलसिले में बाहर रहती हैं, तो मीनू उसका ख्याल रखती है और समय-समय पर जानकारी देते रहती है.

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