Jamshedpur: टाटा स्टील ने वर्ष 2045 तक कार्बन न्यूट्रल बनने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में अपनी रणनीति तेज कर दी है। वैश्विक स्तर पर विकसित हो रही नई और उन्नत तकनीकों का आकलन करने के लिए कंपनी ने हाईपावर स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी असेसमेंट पैनल (STEP) का गठन किया है। इसके साथ ही टिस्को एम्प्लॉइज हाउसिंग एंड वेलफेयर सोसाइटी की गवर्निंग काउंसिल का भी पुनर्गठन किया गया है। कंपनी के सीईओ एवं एमडी टीवी नरेंद्रन के हस्ताक्षर से जारी दो अलग-अलग सर्कुलर के माध्यम से ये बदलाव किए गए हैं।
इधर, टिस्को एम्प्लॉइज हाउसिंग एंड वेलफेयर सोसाइटी की गवर्निंग काउंसिल में टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नू और महासचिव सतीश सिंह को शामिल किया गया है। इसके अलावा डीबी सुंदराराम, अतुल भटनागर, शैलेश सिंह, अमित खुराना, अमित कुमार सिंह, अवनीश आनंद कुमार और ज्ञानेंद्र करण को भी सदस्य बनाया गया है। यह बदलाव 19 नवंबर 2025 को जारी पूर्व सर्कुलर के संदर्भ में तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
सुबोध पांडेय होंगे तकनीकी आकलन पैनल के अध्यक्ष
टाटा स्टील की ओर से गठित स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी असेसमेंट पैनल की कमान वाइस प्रेसिडेंट (टेक्नोलॉजी, आरएंडडी, एनएमबी एवं ग्राफीन) सुबोध पांडेय को सौंपी गई है। वहीं, मुनीश सूदन पैनल के संयोजक होंगे। पैनल में शैलेन शर्मा, सुमितेश दास, अनुप कुमार त्रिवेदी, अतनु रंजन पाल, सिद्धार्थ मिश्रा और टी. भास्कर को शामिल किया गया है। इसमें नीदरलैंड सहित विभिन्न देशों में स्थित टाटा स्टील के शोध एवं तकनीकी केंद्रों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहेंगे।
तकनीक अपनाने से पहले होगा गहन आकलन
कंपनी के अनुसार, पैनल वैश्विक स्तर पर विकसित हो रही आधुनिक तकनीकों की उपयोगिता, संभावित लाभ, लागत और व्यावहारिकता का आकलन करेगा। सफल तकनीकों की विस्तृत रिपोर्ट सीधे टाटा स्टील बोर्ड को सौंपी जाएगी, ताकि उनके कार्यान्वयन को लेकर रणनीतिक निर्णय लिया जा सके। यह पहल टाटा स्टील के दीर्घकालिक तकनीकी रोडमैप और 2045 तक कार्बन न्यूट्रल बनने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर की गई है।
