
Ranchi. झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन गुरुवार को जोरदार हंगामे के साथ शुरू हुआ. दरअसल, भाजपा नेता और पूर्व जिला परिषद सदस्य अनिल टाइगर की हत्या का मामला सदन में गरमा दिया. इस मामले को लेकर विपक्षी दलों के हंगामे के बाद विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही भाजपा विधायकों ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया. विपक्षी नेताओं ने राज्य में बढ़ते अपराध और खराब कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा, “कल हत्या के बाद अपराधी की गिरफ्तारी हुई, लेकिन उसे जनता ने पकड़ा और पुलिस अपनी वाहवाही लूट रही है. राज्य में अपराध कैसे रुकेगा? बाबूलाल मरांडी ने यह भी कहा कि राज्य में केवल एक डीजीपी हैं और उन्हें कई प्रभार सौंपे गए हैं, जिससे वे पर्याप्त समय नहीं दे सकते। उन्होंने यह आरोप लगाया कि राज्य सरकार पैसे वसूली में व्यस्त है, जिससे अपराधी बेखौफ होकर अपराध कर रहे हैं. उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की.
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने भी राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है और अपराधी बेलगाम हो चुके हैं. उन्होंने हत्यारों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की और इसे गंभीर मामला बताया.
सत्ता पक्ष और विपक्ष में नोंकझोंक
विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो के सदन में आसन ग्रहण करते ही भाजपा के सीपी सिंह ने अनिल टाइगर के हत्या का मामला उठाया। राज्य के नगर विकास मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू ने कहा कि क्या कारण है कि हजारीबाग आज एपिक सेंटर बना हुआ है. उन्होंने कहा कुछ लोग कानून व्यवस्था खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. हत्या की घटना दुखद है. इसी दौरान भाजपा के सदस्य सदन के बीच में आ गए और हंगामा करने लगे। बाद में सत्ता पक्ष के कई मंत्री और विधायक सदन के बीच में आकर भाजपा के खिलाफ बोलने लगे.
