
Ranchi. राज्य सरकार ने खर्च नहीं हुई राशि को पीएल (पब्लिक लेजर अकाउंट) से निकलवाकर राज्य के खजाने में जमा कराने की कवायद शुरू कर दी है. खजाने में पैसे की कमी को देखते हुए सरकार के इस कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. वित्त सचिव प्रशांत कुमार ने विभिन्न विभागों के पीएल खातों में पड़े पैसों को लेकर समीक्षा बैठक की. बैठक में उन्होंने दो साल से कोषागार में पड़े पैसों को तुरंत राजकोष में जमा करने का निर्देश दिया है.
जिन विभागों के पीएल खाते में ऐसे पैसे अब तक पड़े हैं, उसमें पथ निर्माण, भवन निर्माण, गृह कारा, कल्याण, आईटी, सूचना जनसंपर्क विभाग शामिल हैं. वर्तमान में राजकोष में करीब 6000 करोड़ रुपए ही हैं. एक आकलन के मुताबिक, पहले से चल रहीं योजनाओं के अतिरिक्त मंईयां सम्मान समेत कई अन्य योजनाओं को पूरा करने के लिए करीब 25,000 करोड़ रुपए का सालाना वित्तीय बोझ बढ़ने की आशंका है.
