Ranchi. झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद की मिनरल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (माडा) द्वारा जारी मार्केट फीस के नोटिस के खिलाफ टाटा स्टील की याचिका पर सीधी राहत देने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए कंपनी को पहले माडा के समक्ष अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया।
क्या है मामला?
माडा ने 31 मार्च 2017 को मार्केट फीस नियमावली, 2010 के तहत टाटा स्टील को शुल्क वसूली का नोटिस जारी किया था। कंपनी का तर्क था कि उसकी कोयला खदानों पर शुल्क लागू हो सकता है, लेकिन धनबाद नगर निगम क्षेत्र में स्थित दो प्रोसेसिंग प्लांट इसके दायरे में नहीं आने चाहिए।
अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल कारण बताओ नोटिस मिलने पर सीधे हाईकोर्ट आना उचित नहीं है। टाटा स्टील को चार सप्ताह के भीतर माडा के समक्ष विस्तृत जवाब देने का समय दिया गया है। इसके बाद प्राधिकरण को कंपनी का पक्ष सुनकर नियमानुसार निष्पक्ष फैसला लेना होगा।
