
Jamshedpur. आसेका (आदिवासी सोशियो एजुकेशनल एंड कल्चरल एसोसिएशन) ने बुधवार को लोअर, हायर, दसवीं व बारहवीं ग्रीष्मकालीन सत्र का परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया. इस परीक्षा में एक हजार से अधिक छात्र शामिल हुए थे.आसेका की ओर विभिन्न कक्षा के टॉप थ्री छात्रों की सूची जारी की है. आसेका, जिसका पूरा नाम आदिवासी सोशियो एजुकेशनल एंड कल्चरल एसोसिएशन है. झारखंड में संताली भाषा और उसकी ओलचिकी लिपि के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित एक संस्था है. इसका मुख्य उद्देश्य संताल समाज में शिक्षा और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देना है, खासकर संताली भाषा को घर-घर तक पहुंचाने और इसे लिपिबद्ध करने की दिशा में काम करना है.आसेका द्वारा की जा रही यह पहल संताली भाषा और ओलचिकी लिपि को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत सराहनीय है. इसके प्रयास से संताल समाज में मातृभाषा के प्रति जागरूकता बढ़ी है और लोग अपनी भाषा में लिखने-पढ़ने के प्रति उत्साहित हो रहे हैं. आसेका हर वर्ष संताली भाषा की ओलचिकी लिपि में परीक्षाओं का आयोजन करती है. इन परीक्षाओं का उद्देश्य संताल समाज के लोगों को उनकी मातृभाषा में लिखने-पढ़ने के लिए प्रेरित करना है. परीक्षा में भाग लेने वाले छात्रों की संख्या लगभग एक हजार के करीब होती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस दिशा में आसेका का प्रयास रंग ला रहा है.
