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Jharkhand : चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में संक्रमित खून चढ़ाने के मामले की निष्पक्ष जांच हो, निलंबन वापस लिया जाए; JHASA की सरकार से ये मांग

Ranchi. झारखंड राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ (जेएचएएसए)ने रविवार को राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह पश्चिमी सिंहभूम जिले में संक्रमित खून चढ़ाने की घटना के संबंध में स्वास्थ्य अधिकारियों के निलंबन को रद्द करे. कथित तौर पर पांच थैलेसीमिया प्रभावित बच्चे संक्रमित खून चढ़ाने से एचआईवी से संक्रमित हो गए थे. सरकारी चिकित्सकों के संगठन ने इस घटना के लिए व्यवस्थागत विफलता का आरोप लगाया तथा निष्पक्ष जांच की मांग की. इस मामले पर चर्चा के लिए यहां आईएमए हॉल में एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई.

जेएचएएसए के सचिव ठाकुर मृत्युंजय सिंह ने कहा कि सभी सदस्यों ने बच्चों के एचआईवी से संक्रमित होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की. मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दो निर्दोष चिकित्सकों का निलंबन रद्द किया जाना चाहिए.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 26 अक्टूबर को चाईबासा के सिविल सर्जन और अन्य अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया था, क्योंकि थैलेसीमिया से पीड़ित पांच बच्चे संक्रमित खून चढ़ाने के बाद एचआईवी पॉजिटिव पाये गये थे.

सिंह ने दावा किया कि यह मुद्दा नया नहीं है. सिंह ने कहा कि सभी जिलों में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए. सभी ब्लड बैंक में चौथी पीढ़ी की एलिसा और आईडी-नैट मशीनों जैसे नवीनतम उपकरण उपलब्ध कराए जाने चाहिए.’

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