
Ranchi.. झारखंड के सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक व उच्च विद्यालयों में क्षेत्रीय व जनजातीय भाषाओं की पढ़ाई अनिवार्य करने को लेकर सरकार गंभीर है. इसको लेकर राज्य की पांच सदस्यीय टीम ने पश्चिम बंगाल का दौरा किया. कमेटी ने वहां जनजातीय व क्षेत्रीय भाषाओं की चल रही पढ़ाई को लेकर अपनी रिपोर्ट सौंपी है. इस रिपोर्ट को मुख्यमंत्री को सौंपा जायेगा. इसके बाद ठोस निर्णय लिया जायेगा. यह बात विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने कही.
उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि पूर्व में सरकारी की ओर से कराये गये सर्वे की त्रुटि को दूर करते हुए शिक्षकों की नियुक्ति की जायेगी. विधायक नमन विक्सल कोमगाड़ी की ओर से गैर सरकारी संकल्प के तहत लाये गये प्रस्ताव पर मंत्री ने यह जानकारी दी.
विधायक ने अनुसूचित जनजाति एव मूल निवासियों की भाषा संस्कृति एवं परंपराओं को संरक्षित करने को लेकर सरकारी स्कूलों में जनजातीय व क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई को अनिवार्य करने और शिक्षकों की नियुक्ति अविलंब करने का आग्रह किया था.
