Ranchi. केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने शुक्रवार को विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन पर आरोप लगाया कि वह बिना किसी सबूत के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताओं का दावा करके संवैधानिक प्रावधानों पर सवाल उठा रहा है, ताकि ‘अराजकता फैलाई जा सके’ और बांग्लादेश की तरह ‘सत्ता परिवर्तन’ किया जा सके।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूरे देश में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ’ मार्च शुरू किया है। यह कदम ‘इंडिया’ गठबंधन के उस अभियान के जवाब में उठाया गया है, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञान कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
रविवार को नयी दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘इंडिया’ गठबंधन ने इन्हीं मुद्दों पर एक विशाल रैली की। इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर कुमार के खिलाफ एक प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ भी आयोजित किया गया था। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री मजूमदार ने आज यहां प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘अगर आपको भाजपा पसंद नहीं है, तो अपनी नीतियां बताएं और अपने नेता को जनता के सामने पेश करें। हमारे पास नरेन्द्र मोदी हैं; आप दिखाएं कि आपके पास कौन है… अगर देश की जनता को लगता है कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनना चाहिए, तो वो आपको वोट देगी।’’
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अब तक 56 चुनाव हार चुकी है।
भाजपा नेता मजूमदार ने कहा,‘भविष्य में भी लोग उसे (कांग्रेस को) वोट नहीं देंगे। 1969 से तमिलनाडु में वह सत्ता में नहीं है… झारखंड बनने के बाद से उसने कभी भी वहां अपने दम पर सरकार नहीं बनाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब कांग्रेस ने देश में अराजकता फैलाने के लिए ‘‘बाहरी लोगों’’, वामदलों और उनके छात्र संगठनों के साथ हाथ मिला लिया है।
