Ranchi . झारखंड के लातेहार जिले में बुधवार को ग्रामीणों ने एनटीपीसी के तीन अधिकारियों समेत छह लोगों को करीब सात घंटे तक बंधक बनाए रखा। पुलिस ने बताया कि ग्रामीणों का विरोध इस बात को लेकर था कि ग्राम सभा की अनुमति के बिना ड्रोन का इस्तेमाल करके जमीन का सर्वे किया गया था। उन्होंने बताया कि यह घटना बालूमठ थाना क्षेत्र के गेरेनजा-हराफू गांव में हुई, जहां नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन (एनटीपीसी) की टीम कोयला ब्लॉक के लिए आवंटित जमीन का सर्वे करने गई थी। थाना प्रभारी अधिकारी अनुभव सिन्हा ने बताया कि एनटीपीसी के महाप्रबंधक आनंद अग्रवाल, दो सहायक महाप्रबंधकों और तीन ड्रोन संचालकों की टीम को, ग्रामीणों के साथ लंबी बातचीत के बाद पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला।
उन्होंने आगे बताया कि टीम सुबह करीब नौ बजे पहुंची और शाम करीब चार बजे उन्हें बचा लिया गया। सिन्हा ने बताया कि सर्वे के दौरान, ग्रामीणों ने कथित तौर पर गुलेल से एक ड्रोन को नीचे गिरा दिया और उसे अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उन्होंने महाप्रबंधक की गाड़ी को घेर लिया और विरोध जताया कि यह सर्वेक्षण ग्राम सभा की मंजूरी के बिना किया गया था। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत की, जिन्होंने बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अधिकारी ने बताया कि कंपनी द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीण टीम को छोड़ने के लिए सहमत हो गए। इस आश्वासन में कहा गया था कि ग्राम सभा की अनुमति के बिना उस इलाके में कोई काम नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है।
