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Jharkhand: अनुकंपा पर नौकरी पाने के लिए प्रेमी के साथ मिलकर पत्नी ने कर दी पति की हत्या

Ranchi. झारखंड के हजारीबाग जिले के गिद्दी में सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) कर्मी मंगलेश पाल उर्फ हैप्पी की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मृतक की पत्नी सोनाली, उसके ममेरे भाई व कथित प्रेमी कौशिक कुमार नौनिया को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार और अन्य अहम साक्ष्य बरामद कर लिए गए हैं। बड़कागांव के एसडीपीओ अमित आनंद ने सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि मंगलेश की हत्या की यह खौफनाक साजिश पिछले करीब एक साल से रची जा रही थी।

सोनाली और उसके प्रेमी कौशिक ने इससे पहले भी कई बार मंगलेश को रास्ते से हटाने की कोशिश की थी, लेकिन तब वे सफल नहीं हो पाए थे। जांच में यह बात सामने आई है कि सोनाली अपने पति की हत्या के बाद अनुकंपा के आधार पर सीसीएल में नौकरी हासिल करना चाहती थी, जिसके लिए उसने इस खूनी रास्ते को चुना। बड़कागांव के एसडीपीओ अमित आनंद ने सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि मंगलेश की हत्या की यह खौफनाक साजिश पिछले करीब एक साल से रची जा रही थी। सोनाली और उसके प्रेमी कौशिक ने इससे पहले भी कई बार मंगलेश को रास्ते से हटाने की कोशिश की थी, लेकिन तब वे सफल नहीं हो पाए थे। जांच में यह बात सामने आई है कि सोनाली अपने पति की हत्या के बाद अनुकंपा के आधार पर सीसीएल में नौकरी हासिल करना चाहती थी, जिसके लिए उसने इस खूनी रास्ते को चुना। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पत्नी सोनाली ने अपनी संलिप्तता छिपाने के लिए पुलिस और स्थानीय लोगों को पूरी तरह गुमराह करने की कोशिश की थी। उसने बड़ी सफाई से यह प्रचारित कर दिया था कि कुछ अज्ञात अपराधी घर के भीतर घुस आए थे।

इसके बाद उसने यह झूठी कहानी गढ़ी कि बदमाशों ने उसे जबरन रस्सी से बांध दिया, उसके मुंह पर टेप चिपका दिया और फिर उसके पति की बेरहमी से हत्या कर दी। सोनाली का मकसद यह दिखाने का था कि यह कोई लूटपाट या बाहरी अपराधियों द्वारा की गई हिंसक वारदात है, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि, घटनास्थल पर मौजूद साक्ष्यों, फॉरेंसिक जांच और तकनीकी पहलुओं ने पत्नी की इस मनगढ़ंत कहानी की पोल खोल दी। हजारीबाग एसपी के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम ने एसएफएल, फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों और डॉग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल की बारीकी से जांच की।

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