
New Delhi. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के 6, फ्लैग स्टाफ रोड स्थित सरकारी बंगले में जीर्णोद्धार से जुड़े मामले की विस्तृत जांच होगी. केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने यह आदेश दे दिया है. यह जांच दिल्ली सरकार का लोक निर्माण विभाग करेगा. आरोप है कि इस बंगले के विस्तार के लिए सरकारी संपत्तियों का विलय किया गया और इसके अंदरूनी हिस्से पर हुए खर्च में अनियमितता बरती गयी है.
इस बंगले में अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में 2015 से पिछले साल अक्तूबर के पहले सप्ताह तक रहे थे. दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने आरोप लगाया था कि बंगले के रेनोवेशन में 45 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किये गये. भाजपा ने कथित भ्रष्टाचार के कारण इस बंगले को ‘शीशमहल’ करार दिया था.
हालांकि जांच के आदेश पर आम आदमी पार्टी (आप) या इसके संयोजक केजरीवाल ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. वहीं, रोहिणी से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता ने कहा है कि केंद्रीय सतर्कता आयोग ने उनकी दो पूर्व शिकायतों का संज्ञान लिया और लोक निर्माण विभाग से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है, जिसके आधार पर अब विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया गया है. इधर, भाजपा केने कहा है कि उसका मुख्यमंत्री इस आलीशान ‘शीशमहल’ में नहीं रहेंगे.
