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मयंक सिंह ने हवाला व वेस्टर्न यूनियन के सहारे करोड़ों रुपयों का किया ट्रांजेक्शन, ATS की पूछताछ में खुल रहे राज

रांची. कुख्यात अमन साव गिरोह के अपराधी सुनील सिंह मीणा उर्फ मयंक सिंह ने छह दिनों तक झारखंड की आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की रिमांड पर पूछताछ के दौरान कई सनसनीखेज खुलासा किया है. उसने अपने अपराध का पूरा अर्थशास्त्र बताया है. बताया है कि करीब 50 लाख रुपये उसने हथियार आपूर्ति के एवज में पाकिस्तान को भुगतान किया था.

लेवी-रंगदारी में उसने करोड़ों रुपये की उगाही की. हवाला व वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर के सहारे करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है. अब एटीएस मयंक सिंह से जुड़े बैंक खातों का भी विश्लेषण कर रही है. एटीएस को मयंक सिंह के करीब दस सहयोगियों की जानकारी मिली है, जिनकी भविष्य में गिरफ्तारी हो सकती है.

इन सहयोगियों में झारखंड के भी तीन सहयोगी हैं, जो मयंक के निर्देश पर लेवी-रंगदारी के रुपये वसूलते थे और मयंक तक पहुंचाते थे. एटीएस पंजाब के उस स्थल का भी सत्यापन करेगी, जहां मयंक सिंह ने पाकिस्तान से ड्रोन से हथियार आने की जानकारी दी है. पंजाब से हथियार रेलमार्ग व सड़क मार्ग से झारखंड पहुंचता था.

इन सभी बिंदुओं पर एटीएस अब साक्ष्य जुटाएगी, ताकि मयंक सिंह पर चार्जशीट के दौरान पुख्ता साक्ष्य पेश किया जा सके. झारखंड के कुख्यात अमन साव गिरोह व उससे संबद्ध गुर्गें सुनील सिंह मीणा उर्फ मयंक सिंह के पाकिस्तानी कनेक्शन की पुष्टि के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) भी सतर्क है. एटीएस में मयंक सिंह की स्वीकारोक्ति के बाद अब एनआइए की भी इस केस पर नजर है.

मयंक सिंह ने पाकिस्तान से ड्रोन से पंजाब में हथियार आने व वहां से सड़क या रेल मार्ग से हथियार झारखंड पहुंचाए जाने, विदेश में बैठकर झारखंड सहित विभिन्न राज्यों में आतंकी गतिविधियां संचालित करने, लेवी-रंगदारी की वसूली आदि यूएपी अधिनियम के तहत आता है.

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