
Jamshedpur: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले महीने हुए आतंकी हमले के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी किये जाने के बाद विभिन्न राज्यों में बुधवार को ‘मॉक ड्रिल’ की गयी.
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच ‘नए और जटिल खतरे’ सामने आए हैं, जिसके बाद मंत्रालय ने यह निर्देश जारी किया था. पहलगाम हमले में 26 लोगों की मौत हो गयी थी, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे. भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में मंगलवार देर रात को पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर हमले किये. झारखंड के छह जिलों में सायरन बजने के बाद ‘मॉक ड्रिल’ की शुरुआत हुई.
अधिकारी ने बताया कि तीन घंटे का यह अभ्यास रांची, जमशेदपुर, बोकारो, गोड्डा और साहिबगंज में नागरिक सुरक्षा संगठनों के समन्वय से किया जा रहा है. यह अभ्यास राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल ‘ऑपरेशन अभ्यास’ का हिस्सा है, जिसमें हवाई हमलों, आग लगने की आपात स्थितियों और खोज एवं बचाव कार्यों जैसे कई प्रतिकूल परिदृश्यों का अनुकरण किया गया. रांची में, यह अभ्यास डोरंडा क्षेत्र में बूंदाबांदी के बीच किया गया, जो शाम सात बजे तक जारी रहने वाला है.
जमशेदपुर में यहां हुई मॉक ड्रिल
सर्किट हाउस, स्कूलों, टाटानगर रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, विभिन्न कंपनियों और औद्योगिक क्षेत्रों में राहत और बचाव का अभ्यास हुआ. प्रशासन, पुलिस, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और स्वास्थ्य विभाग, रेलवे की टीमें पूरे अलर्ट मोड में रहीं. ट्रैफिक व्यवस्था से लेकर सुरक्षा घेरे तक, हर स्तर पर तैयारियों को परखा गया, ताकि किसी भी आपदा की घड़ी में शहर तत्परता से प्रतिक्रिया दे सके. पूरे अभियान में सुरक्षा बलों की तत्परता, चिकित्सा और राहत टीमों की सक्रियता तथा सभी एजेंसियों के तालमेल की परीक्षा सफल रही.
