
New Delhi. सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों को रोकने के लिए राजमार्ग मंत्रालय ने बनाओ-चलाओ-हस्तांतरित करो (बीओटी) मॉडल के तहत बने राष्ट्रीय राजमार्गों के किसी खंड पर यदि एक साल में एक से अधिक दुर्घटनाएं होती हैं, तो ठेकेदारों को दंडित करने का निर्णय लिया है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. सड़क परिवहन और राजमार्ग सचिव वी. उमाशंकर ने कहा कि राजमार्ग मंत्रालय ने बीओटी दस्तावेज में संशोधन किया है। अब ठेकेदारों को यह जिम्मेदारी होगी कि वे दुर्घटना प्रबंधन करें और अगर उनके द्वारा बनाए गए किसी राष्ट्रीय राजमार्ग के खंड पर निर्धारित अवधि में एक से अधिक दुर्घटनाएं होती हैं, तो सुधारात्मक कदम उठाएं.
उन्होंने कहा,‘अगर किसी खंड, उदाहरण के लिए 500 मीटर में एक से अधिक दुर्घटनाएं होती हैं, तो ठेकेदार पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. अगले साल फिर से दुर्घटना होने पर यह जुर्माना बढ़कर 50 लाख रुपये हो जाएगा. उमाशंकर ने कहा कि राजमार्ग मंत्रालय के पास 3,500 दुर्घटना संभावित क्षेत्र हैं.
