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Nisha Bhagat Suicide: राष्ट्रीय महिला आयोग ने आदिवासी कार्यकर्ता की मौत के मामले में रिपोर्ट तलब की, अजय तिर्की और ज्योत्सना केरकेट्टा, थानेदार समेत अन्य पर FIR दर्ज

Ranchi. राष्ट्रीय महिला आयोग ने आदिवासी कार्यकर्ता निशा कुमारी भगत की रांची में मौत के मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए शनिवार को अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से जांच सुनिश्चित करने और सात दिनों के भीतर कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया।
निशा ने शुक्रवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने इससे पहले ‘फेसबुक’ पर राज्य की हेमंत सोरेन सरकार और जमीन के दलालों पर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।

आयोग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “राष्ट्रीय महिला आयोग ने छह नवंबर को झारखंड के रांची में आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता निशा भगत की मौत से संबंधित मीडिया खबरों का स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने बताया कि अध्यक्ष विजया रहाटकर ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने, पुलिस की कार्रवाई की समीक्षा करने तथा पीड़िता की ओर से पहले की गई शिकायतों पर उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। आयोग ने ‘फेसबुक’ लाइव की रिकॉर्डिंग, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया।

इधर, पिता हांदु भगत की शिकायत पर शुक्रवार को पिठोरिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी। इसमें पिठोरिया थाना प्रभारी सतीश कुमार पांडेय, अजय तिर्की, ज्योत्सना केरकेट्टा और जमीन दलालों को आरोपी बनाया गया है। प्राथमिकी में पिता ने कहा है कि उनकी पुत्री को लगातार मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही थी। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर साजिश के तहत उनकी बेटी का चरित्र हनन किया और उसके खिलाफ दुष्प्रचार किया।

प्राथमिकी में कहा गया है कि पिठोरिया थाना प्रभारी सतीश कुमार पांडेय, अन्य पुलिस अधिकारियों, अजय तिर्की, ज्योत्सना केरकेट्टा और जमीन दलालों ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पिता के अनुसार, एक संस्था के कहने पर उनकी बेटी के चरित्र को लेकर तरह-तरह के झूठे दुष्प्रचार किये गये। उन्होंने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि साजिश के तहत की गयी सुनियोजित हत्या का मामला बताया है। उनका आरोप है कि आरोपियों की साजिश के कारण ही उनकी बेटी की मौत हुई है। प्राथमिकी में यह भी कहा गया है कि मृत्यु से पूर्व उनकी बेटी ने सोशल मीडिया पर जो बयान दिया था, उसमें जिन लोगों का जिक्र किया गया है, वे सभी उसकी मौत के जिम्मेवार हैं।

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