
New Delhi. देश की प्रमुख लौह अयस्क उत्पादक कंपनी एनएमडीसी चालू वित्त वर्ष में अपना उत्पादन बढ़ाकर छह करोड़ टन करने की रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी के चेयरमैन अमिताव मुखर्जी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घरेलू इस्पात उद्योग की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन क्षमता में तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
राष्ट्रीय इस्पात नीति, 2017 के अनुरूप एनएमडीसी ने वित्त वर्ष 2030-31 तक अपने लौह अयस्क उत्पादन को बढ़ाकर 10 करोड़ टन सालाना करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में पांच करोड़ टन से अधिक लौह अयस्क का उत्पादन किया है।
मुखर्जी ने कहा, ‘‘मौजूदा खदानों से उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) के संयुक्त उद्यम की परिसंपत्तियों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए कुछ खनन क्षेत्रों में पर्यावरणीय मंजूरी के लिए आवेदन किया गया है, जबकि कई स्थानों पर खनन से जुड़ा बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है।’’
उन्होंने कहा कि यह सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी। मौजूदा खदानों की क्षमता बढ़ाने के लिए कन्वेयर बेल्ट प्रणाली, क्रशर और ब्रेकर जैसी सुविधाएं स्थापित करने को निविदाएं भी आमंत्रित की गई हैं।
मुखर्जी ने 10 करोड़ टन के उत्पादन के लक्ष्य के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘हम अच्छी तरह से आगे बढ़ रहे हैं। हम पटरी पर हैं और निश्चित रूप से इसे हासिल करेंगे। एनएमडीसी की प्रमुख लौह अयस्क खनन परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के बैलाडीला और कर्नाटक के डोनिमलाई क्षेत्र में स्थित हैं।
