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Nobel Prize: फ्रांसिस हैल्जेन को खगोल-भौतिकीय घटना से उत्पन्न ‘न्यूट्रिनो’ की खोज के लिए भौतिकी का नोबेल, 9 अक्टूबर को शांति के लिए नाम की होगी घोषणा

Stockholm. फ्रांसिस हैल्जेन को खगोल-भौतिकीय घटना से उत्पन्न उच्च-ऊर्जा वाले ‘न्यूट्रिनो’ की खोज और आइसक्यूब न्यूट्रिनो वेधशाला में योगदान के लिए मंगलवार को साल 2026 के भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ‘न्यूट्रिनो’ एक बेहद सूक्ष्म और हल्के मौलिक कण को कहते हैं, जिस पर कोई विद्युत आवेश नहीं होता। ‘रॉयल स्वीडिश अकेडेमी ऑफ साइंसेज’ ने स्टॉकहोम में भौतिकी के नोबेल पुरस्कार विजेता के नाम की घोषणा की। इस साल पुरस्कार राशि 1.2 करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग 12 लाख अमेरिकी डॉलर) रखी गई है, चाहे यह किसी एक व्यक्ति, विजेताओं के छोटे समूह या किसी संगठन को दी जाए।

पिछले साल तीन वैज्ञानिकों को ‘क्वांटम टनलिंग’ नामक उप-परमाण्विक कणों के अजीब व्यवहार पर किए गए शोध के लिए भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसी शोध की वजह से एमआरआई मशीनों से बहुत सटीक नतीजे हासिल करना संभव हो पाया और बेहतर मोबाइल फोन व तेज कंप्यूटर के विकास की नींव तैयार हुई।

आज रसायन शास्त्र और कल साहित्य का नोबेल पुरस्कार
इस साल नोबेल पुरस्कारों की घोषणा सोमवार को चिकित्सा के नोबेल पुरस्कार के साथ शुरू हुई, जो तीन वैज्ञानिकों को दिया गया। उनके काम से एक ऐसा टूल बनाना संभव हुआ, जो प्रकाश का इस्तेमाल करके यह समझने में मदद करता है कि मस्तिष्क कैसे काम करता है।

बुधवार को रसायन शास्त्र और बृहस्पतिवार को साहित्य के नोबेल पुरस्कार विजेताओं के नाम की घोषणा की जाएगी। शुक्रवार को नोबेल शांति पुरस्कार के विजेता के नाम के एलान के बाद सोमवार को अर्थशास्त्र में नोबेल मेमोरियल पुरस्कार की घोषणा की जाएगी।

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