New Delhi.मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान आईं समस्याओं को लेकर घिरे निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कई कदमों की घोषणा की, जिनमें दावे दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय, चुनाव अधिकारियों द्वारा लोगों के घरों का दौरा किए जाने और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का नोटिस पाने वालों के लिए ‘हेल्प डेस्क’ स्थापित करना शामिल हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों डॉ. एस एस संधू तथा विवेक जोशी की बैठक के बाद आयोग ने घोषणा की कि बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) अब उन लोगों के दस्तावेजों को एकत्र करने व एकीकृत पोर्टल ‘ईसीआईनेट’ पर अपलोड करने के लिए घर-घर जाएंगे, जिनकी ‘मैपिंग’ नहीं हुई है या जिनके विवरण में तार्किक विसंगतियां मिली हैं।
निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ/एईआरओ) कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से सुनवाई अब असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर, आवश्यक नहीं है, और जरूरी होने पर यह प्राथमिक रूप से ऑनलाइन आयोजित की जाएगी।
परिवार के सदस्य भी सुनवाई में होंगे शामिल: आयोग ने कहा कि मतदाता की ओर से अधिकृत परिवार के सदस्य भी सुनवाई में शामिल हो सकते हैं। आयोग ने यह भी कहा कि ऑनलाइन सुनवाई की सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को आवश्यकतानुसार, रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, मजदूरों, गरीबों, बेघर लोगों आदि के लिए पर्याप्त संख्या में हेल्प डेस्क बनाने/विशेष शिविर आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
इसने कहा कि पिछले कुछ महीनों में राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) से मिले सुझावों के आधार पर पोर्टल में कई तरह के सुधार पहले ही किए जा चुके हैं। आयोग ने कहा कि यदि फील्ड अधिकारियों की ओर से किसी और सुधार का सुझाव मिला तो उसपर भी विचार किया जाएगा।
दावे की अवधि 30 अक्टूबर तक बढ़ायी गयी
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिले अनुरोध को ध्यान में रखते हुए दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 30 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है। लिहाजा, नोटिसों तथा दावों और आपत्तियों के निस्तारण की अवधि 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही महाराष्ट्र में एसआईआर के लिए संशोधित कार्यक्रम की घोषणा की गई है और अंतिम प्रकाशन के लिए 16 नवंबर, 2026 की तारीख तय की गई है।
महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 12 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है, तथा नोटिसों एवं दावों व आपत्तियों के निस्तारण की अवधि 10 नवंबर तक बढ़ा दी गई है।
बिहार और पश्चिम बंगाल समेत जिन 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर पहले ही पूरा हो चुका है, उनके संबंध में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने कहा कि जिस भी व्यक्ति का नाम एसआईआर के दौरान या उसके बाद छूट गया है, तथा युवा या पहली बार मतदाता बनने वाले व्यक्ति सहित कोई भी व्यक्ति सतत अद्यतनीकरण की प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करने के लिए नए सिरे से आवेदन कर सकता है।
