Site icon Lahar Chakra

Parashnath Mahotsav: पारसनाथ महोत्सव को राजकीय महोत्सव का मिलेगा दर्जा, जनवरी में मकर संक्रांति के पूर्व हो सकती है घोषणा

Ranchi. गिरिडीह में होनेवाले ‘पारसनाथ महोत्सव’ को राज्य सरकार राजकीय महोत्सव घोषित करेगी. गिरिडीह के उपायुक्त सह जिला पर्यटन संवर्धन परिषद के अध्यक्ष के प्रस्ताव पर पर्यटन विभाग ने सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है. गिरिडीह के पीरटांड़ प्रखंड के मधुबन संक्रांति मेला मैदान में प्रत्येक वर्ष मकर संक्रांति के मौके पर महोत्सव का आयोजन किया जाता है.

महोत्सव में राज्य की परंपरा, कला एवं संस्कृति से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. राज्य के पर्यटन सचिव मनोज कुमार ने बताया कि पारसनाथ महोत्सव की लोकप्रियता व पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के लिए इसे राजकीय महोत्सव घोषित करने का फैसला किया गया है. तकनीकी कारणों से इसमें विलंब हो रहा है. लेकिन, जनवरी में मकर संक्रांति के पूर्व ही इसे राजकीय महोत्सव के रूप में अधिसूचित कर दिया जायेगा.

जैन समुदाय का सबसे पवित्र और पूजनीय स्थल है सम्मेद शिखर जी : पारसनाथ राज्य की सबसे ऊंची पर्वत चोटी है, जिसकी ऊंचाई 1365 मीटर है. यह जैन समुदाय का सबसे पवित्र और पूजनीय स्थल है. जैन समुदाय इसे सम्मेद शिखर जी भी कहते हैं. जैनियों के 24 तीर्थंकरों में से 20 को पारसनाथ पहाड़ियों पर निर्वाण मिला है.

Exit mobile version