
New Delhi. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत अपने किसानों, मछुआरों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा और इसके लिए वह कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हैं. मोदी ने कहा, ‘हमारे लिए किसानों का हित सर्वोपरि है. भारत किसानों, मछुआरों और डेयरी क्षेत्र से जुड़े लोगों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा. मेरा मानना है कि मुझे व्यक्तिगत रूप से इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी और मैं इसके लिए तैयार हूं. प्रधानमंत्री प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक एम.एस. स्वामीनाथन की जन्मशती के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.
उनकी यह टिप्पणी अमेरिका द्वारा कृषि उत्पादों सहित भारतीय वस्तुओं पर शुल्क (टैरिफ) को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने की घोषणा की पृष्ठभूमि में आई है.
मोदी ने महान वैज्ञानिक स्वामीनाथन के सम्मान में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया. स्वामीनाथन एक प्रसिद्ध भारतीय आनुवंशिकीविद् और कृषि वैज्ञानिक थे, जिन्हें 1960 के दशक में उच्च उपज वाली गेहूं की किस्मों और आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रस्तुत करके भारतीय कृषि के क्षेत्र में क्रांति लाने में महत्वपूर्ण भूमिका के लिए जाना जाता है. उन्हें भारत में ‘‘हरित क्रांति का जनक’’ कहा जाता है. उनके कार्यों ने भारत में खाद्य उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की और किसानों के बीच गरीबी को कम किया. स्वामीनाथन का जन्म सात अगस्त, 1925 को तमिलनाडु के कुंभकोणम में हुआ था और 28 सितंबर, 2023 को 98 वर्ष की उम्र में चेन्नई में उनका निधन हो गया.
