
Gumla : गुमला जिला के चैनपुर अनुमंडल के कुरूमगड़ थाना क्षेत्र में पशु तस्करों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने 23 गोवंशीय पशुओं को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया. ये पशु जीरमी से क्रूरतापूर्वक पैदल हांककर कोटाम ले जाए जा रहे थे. इस घटना ने तस्करों के बढ़ते दुस्साहस और ग्रामीणों के साथ उनके टकराव को उजागर किया है.
कुरूमगड़ थाना प्रभारी मोहन सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस को पता चला कि तस्कर जंगल के रास्ते बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं को ले जा रहे हैं. पुलिस ने तुरंत एक टीम गठित कर छापेमारी की. पुलिस को देखते ही तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, लेकिन 23 मवेशियों को जब्त कर लिया गया. इन पशुओं को जिम्मेदारी पत्र लिखवाकर ग्रामीणों को सौंपा जाएगा. पुलिस अज्ञात तस्करों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर हर पहलू की जांच कर रही है.
घटना में एक गंभीर बात सामने आई है. स्थानीय लोगों ने बताया कि जब कुछ ग्रामीणों ने तस्करों को रोकने की कोशिश की, तो तस्करों ने उनके साथ मारपीट की. पीड़ित ग्रामीणों ने गुमला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कर न्याय की मांग की है. यह घटना तस्करों के बेखौफ रवैये को दर्शाती है.
चैनपुर अनुमंडल में पशु तस्करी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यह इलाका तस्करों के लिए सुरक्षित गलियारा बन गया है. तस्करों का दुस्साहस इतना बढ़ गया है कि वे ग्रामीणों और प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे हैं. कई बार ग्रामीणों और तस्करों के बीच टकराव हो रहा है. स्थानीय लोग प्रशासन से तस्करी के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
पुलिस ने जब्त पशुओं को ग्रामीणों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और फरार तस्करों की तलाश में जुट गई है. इस कार्रवाई से क्षेत्र में तस्करी पर अंकुश लगाने की उम्मीद जताई जा रही है.
