
New Delhi. रेलवे बोर्ड ने सभी 17 रेलवे जोन में यातायात परिवहन और वाणिज्यिक विभाग के कुछ राजपत्रित और अराजपत्रित पदों की पहचान की है और उनके कार्यकाल को तीन साल तक सीमित कर दिया है. बोर्ड ने हाल ही में रेलवे जोन के सभी महाप्रबंधकों को संबोधित एक परिपत्र में कहा कि पीसीओएम (प्रमुख वाणिज्यिक परिचालन प्रबंधक) के सचिव और पीसीसीएम (प्रमुख मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक) के काम की प्रकृति संवेदनशील है और इन पदों पर तैनात अधिकारियों की निष्ठा बेदाग होनी चाहिए.
इसमें कहा गया है कि ऐसे अधिकारियों का कुल कार्यकाल तीन साल तक सीमित होना चाहिए. बोर्ड ने पीसीओएम के यातायात निरीक्षक और पीसीसीएम के वाणिज्यिक निरीक्षक के रूप में (औपचारिक या अनौपचारिक रूप से) काम करने वाले अराजपत्रित कर्मचारियों के लिए नियमित आवर्तन (रोटेशन) का निर्देश दिया, क्योंकि ऐसे अधिकारी महत्वपूर्ण मामलों में सहायता करते हैं.
परिपत्र में कहा गया है कि वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक के यातायात निरीक्षक और डीआरडीसीएम (वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक) के वाणिज्यिक निरीक्षक के रूप में (औपचारिक या अनौपचारिक रूप से) काम करने वाले गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को भी रोटेट किया जाना चाहिए तथा कार्यकाल तीन साल तक सीमित होना चाहिए. इसमें कहा गया है कि वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक के निजी सचिव और वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक के निजी सचिव के रूप में तैनात कर्मचारियों को भी रोटेट किया जाना चाहिए. बोर्ड ने क्षेत्रीय रेलवे से 30 अप्रैल, 2025 तक आवश्यक बदलाव करने का आग्रह किया है.
