
Seraikella-kharsawan: सरायकेला की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर मिली दो महत्वपूर्ण उपलब्धियों के उपलक्ष्य में उत्कलमणि आदर्श पाठागार भवन में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में छऊ नृत्य के युवा कलाकार कुना सामल तथा छऊ मुखौटा निर्माण कला के प्रतिष्ठित शिल्पकार सुशांत कुमार महापात्र को सम्मानित करw उनकी उपलब्धियों पर हर्ष व्यक्त किया गया।
ज्ञात हो कि सरायकेला छऊ नृत्य के प्रतिभाशाली कलाकार कुना सामल को कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। वहीं सरायकेला छऊ नृत्य की पहचान मानी जाने वाली मुखौटा निर्माण कला के संवाहक एवं महापात्र परिवार के सदस्य सुशांत कुमार महापात्र का चयन देश के प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार के लिए किया गया है।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर क्लब के वरिष्ठ सदस्यों, स्थानीय बुद्धिजीवियों, गणमान्य नागरिकों एवं युवा साथियों ने दोनों कलाकारों को पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल दोनों कलाकारों की व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरे सरायकेला की कला-संस्कृति के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में सरायकेला छऊ नृत्य से जुड़े कलाकारों, मुखौटा निर्माताओं, बांसुरी वादकों, वाद्य यंत्र कलाकारों एवं अन्य कला साधकों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान एवं पहचान प्राप्त होगी। सभी ने दोनों सम्मानित कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए इस उपलब्धि को सरायकेला की सांस्कृतिक विरासत की जीत बताया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने छऊ नृत्य एवं मुखौटा कला के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने का संकल्प भी लिया।
