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Saraikela: तिरुलडीह में अवैध बालू ढुलाई की फिर खुल गई पोल, झिमड़ी के पास बालू लदा हाइवा पलटा, आधी रात हो रही आवाजाही

Saraikela. सरायकेला-खरसावां: चांडिल अनुमंडल के तिरुलडीह थाना क्षेत्र में बालू की कथित अवैध ढुलाई को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। सोमवार की रात झिमड़ी गांव के समीप बालू लदा एक हाइवा अनियंत्रित होकर पलट गया। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाइवा तिरुलडीह की ओर से बालू लेकर नीमडीह की तरफ जा रहा था। इसी दौरान झिमड़ी गांव के पास वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाइवा की रफ्तार तेज थी। राहत की बात यह रही कि वाहन किसी मकान से नहीं टकराया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।

रात में भारी वाहनों की आवाजाही
ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय बालू लदे भारी वाहनों के लगातार गुजरने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और पैदल आने-जाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने दावा किया कि पहले भी इस मामले में कार्रवाई हुई थी, लेकिन इसके बावजूद रात में वाहनों की आवाजाही जारी है।
क्षेत्र में बालू के परिवहन को लेकर स्थानीय लोगों ने इसके स्रोत और वैधता की जांच की मांग की है। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि संबंधित बालू घाटों की बंदोबस्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, तो परिवहन किए जा रहे बालू का स्रोत क्या है और उसके लिए आवश्यक अनुमति ली गई है या नहीं।

यदि बिना वैध अनुमति के बालू का उठाव और परिवहन हो रहा है, तो इससे सरकारी राजस्व को नुकसान होने की आशंका भी है। हालांकि, संबंधित बालू के स्रोत, परिवहन की वैधता और बंदोबस्ती की वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

प्रशासन और खनन विभाग से जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खनन विभाग से बालू लदे वाहनों के दस्तावेजों, चालान, परिवहन अनुमति और लोडिंग स्थल की जांच कराने की मांग की है। साथ ही, रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ाने की अपील की है।

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