
NEW DELHI .लद्दाख में हाल ही में हुई हिंसा के बाद पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और 80 से ज्यादा लोग घायल हुए. केंद्र सरकार का कहना है कि वांगचुक ने लोगों को भड़काया, जिससे हिंसा भड़की.
इसके साथ ही सरकार ने वांगचुक से जुड़ी संस्था SECMOL (Students’ Educational and Cultural Movement of Ladakh) का FCRA लाइसेंस भी रद्द कर दिया है. सरकार का आरोप है कि संस्था को विदेशी फंड मिलने में गड़बड़ी हुई है. गृह मंत्रालय ने कहा कि संस्था को पहले ही कारण बताओ नोटिस भेजा गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला. वांगचुक की अरेस्टिंग के बाद लेह में इंटरनेट बंद कर दिया गया है. लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा के बाद से लगातार तीसरे दिन कर्फ्यू जारी है. स्कूल-कॉलेज शनिवार तक बंद हैं. लेह में पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़की थी.
लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने इस पर कहा कि जो लोग कानून तोड़ेंगे या विदेशी ताकतों से जुड़े होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल शैक्षणिक संस्थान बंद हैं और इलाके में धारा 163 लागू है, लेकिन हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं.
