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Jharkhand DGP की नियुक्ति के नियम को Supreme court सख्त, राज्य सरकार और तदाशा मिश्रा से मांगा जवाब

New Delhi. सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कहा कि झारखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति के नियम उसके पहले के एक फैसले के ‘‘विपरीत’’ हैं और उसने राज्य में पुलिस प्रमुख के रूप में नियुक्त वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा से जवाब मांगा। झारखंड सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को बताया कि राज्य इन नियमों पर पुनर्विचार करेगा।

पीठ ने कहा कि वह मिश्रा को अपना जवाब दाखिल करने का अवसर दे रही है, क्योंकि अगर इन नियमों को रद्द किया जाता है तो इसका असर उन पर पड़ेगा। केंद्र ने विशेष रूप से राज्य सरकार द्वारा आठ जनवरी, 2025 को अधिसूचित ‘‘पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक, झारखंड (पुलिस बल के प्रमुख) के चयन एवं नियुक्ति नियम, 2025’ को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है।

केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र सरकार ने झारखंड सरकार से बार-बार कहा है कि उसके नियम उच्चतम न्यायालय के प्रकाश सिंह मामले में दिए फैसले के खिलाफ हैं और इन्हें बरकरार नहीं रखा जा सकता।

उन्होंने कहा कि यदि किसी अन्य राज्य ने भी ऐसे नियम बनाए हैं, तो उन्हें भी खत्म किया जाना चाहिए, चाहे सत्ता में किसी भी दल की सरकार क्यों न हो।

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