
New Delhi. टाटा ट्रस्ट्स में अब विवाद की दरार और गहरी हो गयी है. वजह ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा और उनके करीबी माने जाने वाले दो अन्य प्रभावशाली न्यासियों ने मेहली मिस्त्री की ट्रस्टी के रूप में पुनर्नियुक्ति के खिलाफ मतदान किया है. इससे टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी को नियंत्रित करने वाली परोपकारी इकाई में दरार और गहरी हो गई.टाटा समूह के संरक्षक रतन टाटा का पिछले साल निधन होने के बाद नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट्स का प्रमुख नियुक्त किया गया था. मेहली मिस्त्री को दिवंगत रतन टाटा के करीबी माना जाता है.
मामले से अवगत लोगों ने बताया कि टीवीएस मोटर कंपनी के मानद चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन और पूर्व रक्षा सचिव विजय सिंह ने मंगलवार को मिस्त्री की न्यासी (ट्रस्टी) के रूप में पुनः नियुक्त किए जाने के खिलाफ मतदान किया. मिस्त्री का तीन साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह मतदान हो रहा था.
उन्होंने बताया कि हालांकि मिस्त्री के करीबी तीन अन्य न्यासी.. सिटीबैंक इंडिया के पूर्व सीईओ प्रमित झावेरी, मुंबई के वकील डेरियस खंबाटा और पुणे के समाजसेवी जहांगीर एच. सी. जहांगीर ने उनकी पुनर्नियुक्ति का समर्थन किया. यह विभाजन हाल ही में आम सहमति से संचालित दृष्टिकोण से एक स्पष्ट बदलाव का प्रतीक है.
