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रेलवे में सुरक्षा पर इस साल एक लाख 16 हजार करोड़ रुपये किये जायेंगे खर्च : रेलमंत्री

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रांची. केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने शनिवार को संसद में केंद्रीय बजट 2025-26 पेश किया. केंद्रीय बजट 2025-26 में भारतीय रेलवे के लिए 2.52 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत परिव्यय का आवंटन किया गया है. इस वर्ष के बजट में रेलवे की चार लाख साठ हजार करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं का उल्लेख है. सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए, बजट में विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से भारतीय रेलवे की सुरक्षा बढ़ाने के लिए इस वर्ष व्यय के लिए एक लाख सोलह हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 03.02.2025 को भारतीय रेलवे के लिए बजट के राज्यवार आवंटन के बारे में वर्चुअल मोड के माध्यम से मीडियाकर्मियों को जानकारी दी. वीडियो कॉन्फ्रेंस में रेलवे के अधिकारियों ने भी भाग लिया. ब्रीफिंग के दौरान, माननीय रेल मंत्री ने रेलवे के बुनियादी ढांचे के पुनरुद्धार के लिए राज्यवार आवंटन और निवेश की घोषणा की. इस केंद्रीय बजट में, पश्चिम बंगाल राज्य के लिए 13955 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो 2009-2014 के दौरान किए गए 4380 करोड़ रुपये के आवंटन से तीन गुना अधिक है. पश्चिम बंगाल में 101 स्टेशनों को अमृत स्टेशनों के रूप में पुनर्विकसित किया जा रहा है.

विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में लगभग 68,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है. पश्चिम बंगाल राज्य में 09 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं. पिछले 10 वर्षों में 1290 किलोमीटर नई रेलवे पटरियां बिछाई गई हैं. ओडिशा राज्य के लिए, 10,599 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो 2009-2014 के दौरान किए गए 838 करोड़ रुपये के आवंटन से 13 गुना अधिक है. ओडिशा में 59 स्टेशनों को अमृत स्टेशनों के रूप में पुनर्विकसित किया जा रहा है. अब तक, राज्य में बुनियादी ढांचे और रेलवे संपर्क को बढ़ाने के लिए लगभग 78,000 करोड़ रुपये का निवेश पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है. राज्य में ब्रॉड-गेज नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण पहले ही हासिल किया जा चुका है.

राज्य में वर्तमान में 06 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं. राज्य में 1898 किलोमीटर रेलवे ट्रैक के लिए कवच तकनीक की स्थापना के लिए पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है. झारखंड राज्य के लिए, 7,306 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो 2009-2014 के दौरान किए गए 457 करोड़ रुपये के आवंटन से 16 गुना अधिक है.

झारखंड में 57 स्टेशनों को अमृत स्टेशनों के रूप में पुनर्विकास किया जा रहा है. राज्य में बुनियादी ढांचे और रेलवे संपर्क को बढ़ाने के लिए 59,935 करोड़ रुपये के निवेश को पहले ही मंजूरी दी गई है. राज्य में ब्रॉड-गेज नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण पहले ही हासिल किया जा चुका है राज्य में 1693 किलोमीटर रेलवे ट्रैक के लिए कवच तकनीक की स्थापना के लिए पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है. राज्य में पिछले 10 वर्षों में 1311 किलोमीटर नई रेलवे पटरियां बिछाई गई हैं.

खड़गपुर डिवीजन के 21 स्टेशनों को किया जा रहा पुनर्विकसित : डीआरएम 

डीआरएम खड़गपुर, केआर चौधरी ने वीसी के दौरान उपस्थित पत्रकारों को खड़गपुर मंडल में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि संतरागाछी और खड़गपुर के बीच नई चौथी लाइन के लिए डीपीआर को इस वर्ष मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिससे उपनगरीय मार्ग में यातायात की भीड़भाड़ से काफी राहत मिलेगी. भीड़भाड़ की समस्या को हल करने के लिए शालीमार और संतरागाछी स्टेशनों को वैकल्पिक टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है. इस मंडल में 21 स्टेशनों को अमृत स्टेशनों के रूप में पुनर्विकसित किया जा रहा है, जिसमें नई स्टेशन इमारतें, बेहतर अग्रभाग और परिचालित क्षेत्र, 12 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज और अन्य बढ़ी हुई यात्री सुविधाएं जैसी विशेषताएं शामिल हैं.

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