Washington अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका देते हुए देश के मतदाताओं ने मंगलवार को हुए बहुचर्चित मध्यावधि चुनावों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को अमेरिकी संसद का नियंत्रण सौंप दिया और कई अहम राज्यों में गवर्नर पदों पर भी पार्टी को जीत दिलाई। इन नतीजों का असर न केवल अमेरिका, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिलेगा। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को अपने मजबूत गढ़ माने जाने वाले टेक्सास, जॉर्जिया, आयोवा और ओहायो जैसे राज्यों में करारी हार का सामना करना पड़ा, जहां उसने डेमोक्रेटिक पार्टी के हाथों गवर्नर के पद गंवा दिए। इसके अलावा टेक्सास, मेन, साउथ कैरोलिना, नॉर्थ कैरोलिना, कंसास, आयोवा और ओहायो में सीनेट की सीट पर भी पार्टी को झटका लगा। ट्रंप ने इन राज्यों के मतदाताओं से यह कहते हुए मतदान की अपील की थी कि वह उन्हें (ट्रंप को) चुनाव मैदान में मानकर वोट करे। डेमोक्रेट ने सीनेट और प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स) दोनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया और अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के दोनों सदनों में रिपब्लिकन के कब्जे को समाप्त कर दिया।
रिपब्लिकन पार्टी की इस बड़ी हार की मुख्य वजह ट्रंप की नीतियों के प्रति लोगों में व्याप्त असंतोष को माना जा रहा है। खासकर ईरान के खिलाफ युद्ध को लेकर लोगों में नाराजगी थी, जिसके कारण जीवन-यापन की लागत और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। मतदान केंद्रों पर बातचीत में कई मतदाताओं ने ट्रंप के बयानों, बड़े-बड़े दावों और उनकी कार्यशैली से पैदा हुई नाराजगी को रिपब्लिकन पार्टी के प्रति मोहभंग का मुख्य कारण बताया। परंपरागत रूप से रिपब्लिकन समर्थक राज्य जॉर्जिया के एक डेमोक्रेट समर्थक ने कहा, ‘ट्रंप नाकाम रहे हैं। मैं नहीं चाहता कि वे मेरे बच्चों के आदर्श बनें। वे जितनी जल्दी पद छोड़ें, उतना ही अच्छा होगा।’’
ओहायो के गवर्नर पद के चुनाव में ट्रंप समर्थित भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार विवेक रामास्वामी को कड़े मुकाबले और पार्टी में अंदरूनी कलह के बीच डेमोक्रेट उम्मीदवार एमी एक्टन से हार का सामना करना पड़ा। डेमोक्रेट ने प्रतिनिधि सभा की दो दर्जन से अधिक सीटों पर भी परिणामों में उलट-फेर की। इनमें कई ऐसे जिले शामिल हैं जहां ट्रंप 2024 में दोहरे अंकों के अंतर से जीते थे। रिपब्लिकन नेता क्रिस क्रिस्टी ने कहा, ‘‘ट्रंप का दौर समाप्त हो गया है।’’
राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच में होने के कारण इन्हें मध्यावधि चुनाव कहा जाता है। ट्रंप ने मीडिया को दिए साक्षात्कारों में हार स्वीकार की और कहा कि वह डेमोक्रेट के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी की हार की वजह खुद का चुनावी मैदान में न होना बताया। ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘‘मैं चुनाव मैदान में नहीं था और अगर होता, तो हम भारी बहुमत से जीतते!’’
