Site icon Lahar Chakra

Working Committee Meeting : रांची में शाह बोले, सबसे भ्रष्ट हेमंत सरकार, भाजपा आदिवासियों की भूमि की रक्षा के लिए लाएगी श्वेत पत्र’ ,पढ़ें और क्या कहा?

रांची. केद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को दावा किया कि बड़े पैमाने पर घुसपैठ होने के कारण झारखंड में जनजातीय जनसंख्या घट रही है और यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनी तो वह उनकी (आदिवासियों की) भूमि व अधिकारों की रक्षा के लिए जनसांख्यिकी पर ‘श्वेतपत्र’ लाएगी. उन्होंने पार्टी की विस्तारित कार्यसमिति की बैठक के दौरान यहां प्रभात तारा ग्राउंड में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा को झारखंड में सरकार बनाने का विश्वास है, क्योंकि हाल में हुए लोकसभा चुनाव में 81 विधानसभा सीट में से 52 पर कमल पहले ही खिल चुका है. शाह ने कहा कि झारखंड में सरकार बनाने के बाद हम आदिवासी लोगों, उनकी जमीनों, आरक्षण और अधिकारों की रक्षा के लिए जनसांख्यिकी पर ‘श्वेत पत्र’ लायेंगे. इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, लक्ष्मीकांत वाजपेयी और अर्जुन मुंडा भी मौजूद थे.

हेमंत पर ‘वोट बैंक और तुष्टिकरण नीति’ का आरोप

हेमंत सोरेन का नाम लिये बिना उन्होंने आरोप लगाया कि ‘भूमि जिहाद’, ‘लव जिहाद’ के पीछे ‘वोट बैंक और तुष्टिकरण नीति’ की वजह से झारखंड के आदिवासी मुख्यमंत्री का हाथ है, जिससे राज्य में जनसांख्यिकी परिवर्तन हो रहा है. उन्होंने कहा कि घुसपैठिए झारखंड में आ रहे हैं, आदिवासी महिलाओं से शादी कर रहे हैं, प्रमाणपत्र हासिल कर ले रहे हैं और जमीन खरीद रहे हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नीत गठबंधन देश में सबसे अधिक भ्रष्ट सरकारों में एक है और अब उसे बाहर का दरवाजा दिखाने का वक्त आ गया है.

कांग्रेस पर भी साधा निशाना

शाह ने लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद ‘अहंकार प्रदर्शित करने’ को लेकर राहुल गांधी समेत विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन एवं कांग्रेस के नेताओं पर भी प्रहार किया और कहा कि ‘वे हार स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘ इंडिया गठबंधन और कांग्रेस नेता 12 लाख करोड़ रुपये का घोटाला करने, तुष्टिकरण करने, वंशवादी राजनीति करने, राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने को लेकर अहंकार दिखा रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि इस लोकसभा चुनाव में भाजपा को 2014, 2019 और 2024 के चुनावों में कांग्रेस (और उसके घटक दलों) की संयुक्त संख्या से अधिक सीट मिलीं.

Exit mobile version