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Bihar Election: NDA की ऐतिहासिक जीत, BJP 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, दूसरे नंबर पर JDU, INDIA गठबंधन को करारी शिकस्त, तीसरे स्थान पर खिसकी RJD, 25 सीटों पर सिमटी

Patna. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ नतीजों में से एक दर्ज किया और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन को करारी हार दी. राजग की इस ऐतिहासिक जीत को ‘ब्रैंड मोदी नीतीश’ के रूप में देखा जा रहा है. इसके उलट, विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन 34 सीट पर सिमट गया. सत्तारूढ़ राजग ने 243 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में 202 सीट जीतकर शानदार जीत दर्ज की. निर्वाचन आयोग ने सभी सीटों के चुनाव परिणाम की घोषणा करते हुए यह जानकारी दी. निर्वाचन आयोग के अनुसार, भाजपा 89 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है.

उसकी सहयोगी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जदयू ने 85 सीट जीती हैं, जबकि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 19 सीट मिली हैं. पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाले हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) ने पांच सीट जीतीं, जबकि उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने चार सीट जीतीं. ‘इंडिया’ गठबंधन को केवल 34 सीट मिलीं. राजद को 25 सीट मिलीं, जबकि कांग्रेस को छह, भाकपा (माले) लिबरेशन को दो और माकपा को एक सीट मिली.

हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम ने पांच सीट जीतीं, जबकि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी को एक-एक सीट मिली. भाजपा और जदयू ने 101-101 सीट पर चुनाव लड़ा था, जबकि उनकी सहयोगी लोजपा (रालोद) ने 28 सीट पर उम्मीदवार खड़े किए थे। ‘इंडिया’ गठबंधन में, राजद ने 141 सीट पर चुनाव लड़ा, जबकि कांग्रेस ने 61 और भाकपा(माले) लिबरेशन ने 20 सीट पर चुनाव लड़ा।

ब्रैंड मोदी-नीतीश’ का चला जादू
चुनाव नतीजों ने संकेत दिया कि मतदाताओं का भरोसा अब भी ‘ब्रैंड नीतीश’ पर कायम है. 2005 से अब तक विभिन्न चुनावों में किए गए वादों को पूरा करने का उनका रिकॉर्ड जनता के विश्वास का केंद्र रहा. राज्य में 2010, 2015 और 2020 के चुनावों में ग्रामीण अवसंरचना, बिजली, शिक्षा, रोजगार और महिलाओं के सशक्तीकरण को लेकर किए गए वादों को उन्होंने पूरा किया, जिससे उनका जनाधार मजबूत हुआ. कुमार ने 2025 के चुनाव में एक करोड़ रोजगार देने का वादा किया, जिसे जनता ने राजद नेता तेजस्वी यादव के प्रति परिवार में सरकारी नौकरी देने के वादे की तुलना में अधिक विश्वसनीय माना.

नीतीश का महिला वोट बैंक
नीतीश कुमार द्वारा महिलाओं के उत्थान को लक्षित कर लागू की गई नीतियों, पंचायती राज में 50 प्रतिशत आरक्षण, छात्राओं को साइकिल, वर्दी, छात्रवृत्ति, 35 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, जीविका समूह ने उन्हें वर्षों में एक ठोस महिला वोट बैंक दिया. इस वर्ष लागू की गई योजना के तहत प्रति परिवार एक महिला को 10,000 रुपए की सहायता और बेहतर प्रदर्शन पर दो लाख रुपए की अतिरिक्त मदद ने भी निर्णायक प्रभाव डाला.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 75 लाख महिलाओं के खातों में डिजिटल तरीके से राशि अंतरित के बाद यह संख्या चुनाव तक 1.4 करोड़ तक पहुंच गई. प्रधानमंत्री मोदी अपने चुनावी सभा में भी हमेशा कहते थे, ‘मोदी नीतीश की जोड़ी सारे वायदे पूरे करेगी और बिहार को विकसित बनायेगी. इस चुनाव में 71.8 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया, जो पुरुषों के 62.9 प्रतिशत के मुकाबले 8.9 प्रतिशत अधिक है, जो स्वतंत्रता के बाद अब तक का सबसे बड़ा अंतर.

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