


रामगढ़. झारखंड में कांग्रेस अभी सत्ता में है और सत्ता का नशा पार्टी नेताओं पर चढ़ा हुआ है. इसका उदाहरण रामगढ़ सर्किट हाउस में देखने को मिला. कांग्रेसी नेताओं के द्वारा शराब के नशे में कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया. नशे में धुत नेताओं ने गाली गलौज तक कर डाली. इसके बाद सर्किट हाउस में रुके हुए खूंटी जिला कांग्रेस के वर्किंग प्रेसिडेंट अरुण सांगा से सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने जबरन रूम खाली करवा दिया.
17 दिनों से रूम नंबर 8 में रुके हुए थे अरुण सांगा
जानकारी के अनुसार यूथ कांग्रेस के खूंटी जिला वर्किंग प्रेसिडेंट 1 फरवरी को रामगढ़ पहुंचे थे यहां उन्होंने पहले दो दिनों के लिए सर्किट हाउस का कमरा बुक करवाया. इसके लिए बाकायदा एक वरीय नेता से फोन भी करवाया था. लेकिन वे 17 दिनों तक रूम नंबर 8 में रुके रहे. इस दौरान उनसे मिलने कई लोग कमरे में पहुंचे. कुछ लोग तो रात 2:00 बजे तक भी सर्किट हाउस में घुसे थे. इस दौरान नशे में धुत नेताओं ने कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया.
कांग्रेसी नेताओं के इस हरकत से नजारत उप समाहर्ता भी परेशान हो गए. सोमवार को एनडीसी अन्य अधिकारियों के साथ डीसी से मिले और पूरे वाकए को सामने रखा. इसके बाद कई अधिकारी सर्किट हाउस पहुंचे और अरुण सांगा को रूम खाली करने को कहा.
कांग्रेसी नेता अरुण सांगा ने बताया कि सोमवार को वह अपने एक पार्टी कार्यकर्ता के साथ उन्हीं की गाड़ी में रांची कल्याण मंत्रालय के लिए निकले थे. कोठार ओवर ब्रिज के पास ही जब अधिकारियों का फोन आया, तो वह दोबारा सर्किट हाउस पहुंचे. वहां उनसे कमरा खाली करने का आग्रह किया गया. साथ ही उस व्यक्ति के बारे में भी पूछताछ की गई, जिसके द्वारा कर्मचारियों के साथ नशे की हालत में अभद्र व्यवहार किया गया था. उन्होंने बताया कि प्रदेश महासचिव धीरेंद्र सिंह के साथ सर्किट हाउस के कर्मचारियों ने गलत व्यवहार किया था जिसको लेकर तू-तू-मैं-मैं हुई थी. इसके बाद उन्होंने तत्काल सर्किट हाउस के रूम को खाली कर दिया और किराए का भुगतान भी कर दिया.
कांग्रेसी नेता अरुण सांगा ने बताया कि पार्टी ने उन्हें जिम्मेदारी सौंपी थी, उसी के तहत वे रामगढ़ पहुंचे थे. निकट भविष्य में आयोजित होने वाले नगर निकाय चुनाव को लेकर सर्वे का कार्य किया जा रहा है. इसकी वजह से वे 17 दिनों तक रामगढ़ में रुक गए.


